खाड़ी देशों में तनाव का माहौल एक बार फिर बढ़ गया है। 22 जुलाई 2026 को ईरान ने बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों के बाद यूएई के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने कड़ी निंदा की और इसे इन देशों की संप्रभुता का उल्लंघन और सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

हमलों का कारण और असर

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और ईरानी सेना ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उनका कहना है कि यह अमेरिकी हमलों के जवाब में किया गया है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने चेतावनी दी है कि दुश्मन के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। हमलों में जॉर्डन के King Faisal और Prince Hassan बेस, कुवैत के Camp Doha और बहरीन के Sheikh Isa Air Base को निशाना बनाया गया।

क्या है ताजा स्थिति

जॉर्डन की सेना ने अक़ाबा के ऊपर 4 मिसाइल और 4 ड्रोन मार गिराए। वहीं, कुवैत और बहरीन में भी अलर्ट के सायरन सुनाई दिए और सेना ने हमलों को रोकने का काम किया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने की धमकी दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और भारतीय प्रवासियों के लिए भी चिंताएं बढ़ गई हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.