खाड़ी देशों में ईरान की ओर से किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और कुवैत में लगभग हर दिन हमले हो रहे हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है। अबू धाबी में मिसाइल हमले के बाद गिरे मलबे से एक भारतीय नागरिक के घायल होने की खबर आई है। इन हमलों के बाद पर्यटन और व्यापारिक जहाजों के रास्तों पर खतरा पैदा हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र की इकोनॉमी पर दबाव बढ़ रहा है।

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खाड़ी देशों में हमलों से अब तक क्या नुकसान हुआ?

21 मार्च से अब तक खाड़ी देशों ने ईरान की ओर से दागे गए कम से कम 55 ड्रोन और 9 मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट किया है। हालांकि, इनके मलबे गिरने से नुकसान की खबरें आ रही हैं। अबू धाबी में मलबे की चपेट में आने से एक भारतीय नागरिक को मामूली चोटें आई हैं। सऊदी अरब के रियाद में बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया है। हमलों की वजह से पर्यटन क्षेत्र में गिरावट आई है और ऊर्जा सप्लाई वाले रास्तों पर खतरा मंडरा रहा है। आम जनता के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है क्योंकि कई इलाकों में सायरन बज रहे हैं।

मिसाइल और ड्रोन हमलों पर देशों की जवाबी कार्रवाई

देश इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन इंटरसेप्ट की गई मिसाइलें
UAE 25 4
Saudi Arabia 21 3
Kuwait 7 0
Bahrain 2 2

अमरीका का अल्टीमेटम और ईरान की नई धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से फिर से खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने आदेश नहीं माना तो उसके पावर प्लांट्स को तबाह कर दिया जाएगा। इसके जवाब में ईरान ने भी धमकी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा केंद्रों, आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर और पानी साफ करने वाले प्लांट को निशाना बनाएगा। सऊदी अरब ने स्थिति को देखते हुए ईरान के सैन्य अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश जारी कर दिया है। यूएई ने कहा है कि वह आतंकवादियों के आगे नहीं झुकेगा और सुरक्षा के लिए अमेरिका के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करेगा।