खाड़ी देशों में इस वक्त हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान ने UAE, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और बहरीन पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले तेज कर दिए हैं। हालांकि इन सभी देशों ने अपने डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है। इस हमले के कारण पूरे रीजन में एयरस्पेस बंद किया गया है और फ्लाइट्स बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे भारत से खाड़ी देशों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है।

किस देश में हमले का क्या रहा असर?

ईरान द्वारा दागे गए ड्रोन और मिसाइलों को अलग-अलग देशों ने हवा में ही रोक दिया है। नीचे दी गई टेबल में जानिए किस देश में क्या स्थिति है:

देश हमले और बचाव की स्थिति
UAE 13 ड्रोन को हवा में नष्ट किया गया। Al Minhad Air Base के पास मलबा गिरा। 90% से ज्यादा हमले रोके गए।
Saudi Arabia Al-Kharj में बैलिस्टिक मिसाइल रोकी गई और 13 ड्रोन गिराए गए। Prince Sultan Air Base के पास मलबा गिरा।
Qatar 14 में से 13 मिसाइलों को नष्ट किया गया। मलबे से एक इंडस्ट्रियल एरिया में मामूली आग लगी।
Kuwait Kuwait International Airport और Ali al Salem Airbase के पास ड्रोन और मिसाइलों को रोका गया।
Bahrain राजधानी Manama और अमेरिकी बेस के पास हवा में मिसाइलें रोकी गईं।

आम लोगों और फ्लाइट्स पर क्या हो रहा है असर?

इस तनाव का सीधा असर आम लोगों और प्रवासियों पर पड़ रहा है। UAE सरकार ने अपने निवासियों को मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट भेजा है। लोगों को सुरक्षित इमारतों में रहने, खुले स्थानों पर न जाने और खिड़की-दरवाजों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा सुरक्षा को देखते हुए खाड़ी देशों ने अपने एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इस वजह से दुनिया भर की कई फ्लाइट्स रद्द या लेट हो रही हैं। जो भारतीय काम के सिलसिले में या छुट्टियां बिताने गल्फ देशों में आते-जाते हैं, उन्हें एयरपोर्ट जाने से पहले फ्लाइट्स के नए अपडेट्स चेक करने की सलाह दी जाती है।

अचानक क्यों बढ़े ये मिसाइल हमले?

यह मामला तब ज्यादा बिगड़ गया जब इजरायली एयरस्ट्राइक में ईरान के दो बड़े सुरक्षा अधिकारी Ali Larijani और Gholam Reza Soleimani मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने गल्फ देशों और इजरायल पर अपने हमले तेज कर दिए हैं।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिकी सेना ने अपने मिलिट्री बेस छोड़कर शहरों के रिहायशी होटलों में ठिकाना बना लिया है, इस वजह से शहरी इलाकों के करीब हमले हो रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर सऊदी अरब ने राजधानी रियाद में अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों की एक इमरजेंसी मीटिंग भी बुलाई है ताकि इलाके में हालात काबू में किए जा सकें और शांति बनाई जा सके।