ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सोशल मीडिया और सऊदी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के नेशाबुर (Neyshabur) इलाके में मिसाइलों के लिए ठोस ईंधन (solid fuel) बनाने वाली एक यूनिट पर बड़ा हमला हुआ है। हालांकि इस खास लोकेशन पर हमले की आधिकारिक पुष्टि अभी तक स्वतंत्र स्रोतों से नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में चल रहे सैन्य अभियान इस खबर को गंभीरता दे रहे हैं।

ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमलों की वर्तमान स्थिति

  • सऊदी मीडिया के अनुसार नेशाबुर में रॉकेट ईंधन उत्पादन इकाई को निशाना बनाया गया है।
  • इससे पहले शहरुद (Shahrud) में स्थित ईरान के एक प्रमुख मिसाइल इंजन प्लांट के तबाह होने की खबरें सैटेलाइट तस्वीरों के साथ सामने आई थीं।
  • इजरायल और अमेरिका ने फरवरी 2026 के आखिरी हफ्ते से ईरान के कमांड सेंटरों और सैन्य ठिकानों पर संयुक्त कार्रवाई शुरू की हुई है।
  • अब तक ईरान के करीब 600 से ज्यादा मिसाइल और इंडस्ट्रियल साइट्स को निशाना बनाया जा चुका है।
  • ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पड़ोसी देशों और इजरायल की तरफ ड्रोन हमले किए हैं।

खाड़ी देशों और प्रवासियों के लिए क्या है स्थिति?

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी इस जंग का सीधा असर खाड़ी देशों में रह रहे आम लोगों पर पड़ रहा है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह उन देशों को भी निशाना बना सकता है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है।

देश या संस्था ताजा कदम और स्थिति
सऊदी अरब ईरानी राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया और सुरक्षा बढ़ाई
ईरान हमलों का बदला लेने और समझौता न करने का ऐलान किया
IAEA परमाणु ठिकानों पर हमलों को लेकर चिंता जताई और संयम बरतने को कहा

भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह समय सावधानी बरतने का है। खाड़ी देशों से भारत आने-जाने वाली फ्लाइट्स के रूट में सुरक्षा के कारण बदलाव हो सकता है। दूतावासों ने प्रवासियों को स्थानीय खबरों और सरकारी गाइडलाइंस पर नज़र रखने की सलाह दी है। युद्ध की इस स्थिति में तेल की कीमतों और सामान्य सप्लाई चेन पर भी असर पड़ने की संभावना बनी हुई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.