ईरान के सैन्य अधिकारियों ने जानकारी दी है कि उनके मिसाइल अब सीधे प्रोडक्शन लाइन से ऑपरेशन के लिए भेजे जा रहे हैं। सैन्य प्रवक्ता Abolfazl Shekarchi ने साफ किया कि संघर्ष के बीच भी रणनीतिक मिसाइल के उत्पादन में कोई रुकावट नहीं आई है। वहीं, कार्यवाहक रक्षा मंत्री Majid Ebnolreza ने 20 जुलाई को बताया कि ड्रोन और सैन्य उपकरणों का उत्पादन कई गुना बढ़ चुका है।

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क्षेत्रीय तनाव और सैन्य कार्रवाई

क्षेत्रीय तनाव के दौरान, 22 जुलाई को IRGC ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले में अमेरिकी MQ-9 ड्रोन और हेलीकॉप्टरों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। इसके जवाब में, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले के बदले वे ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाएंगे। अमेरिका ने भी लगातार 11वीं रात ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।

रक्षा प्रणाली और सुरक्षा चुनौतियां

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने पुष्टि की है कि एक मिसाइल ने जॉर्डन स्थित Mowafaq al-Sulti बेस की सुरक्षा घेरे को भेद दिया, जिससे अमेरिकी सैनिकों की जान गई। तनाव को देखते हुए पेंटागन ने 21 बिलियन डॉलर की अतिरिक्त राशि की मांग की है ताकि मिसाइल स्टॉक को फिर से भरा जा सके। इस बीच, बहरीन ने भी 22 जुलाई को ईरान की ओर से किए गए कई हमलों को इंटरसेप्ट किया है और सऊदी अरब के मालवाहक जहाजों ने खतरे के कारण अपने रास्ते बदल लिए हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.