ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री ने दावा किया है कि उनके पास अब युद्ध से पहले के मुकाबले ज़्यादा मिसाइलें और लॉन्चर मौजूद हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी अधिकारी सार्वजनिक तौर पर ईरान की सैन्य ताकत को खत्म बताने का दावा कर रहे थे।
ईरान का दावा और अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में क्या अंतर है?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 8 मई 2026 को बताया कि उनके देश के पास मिसाइलों और लॉन्चर का स्टॉक अब युद्ध से पहले के स्तर का 120% हो गया है। दूसरी ओर, अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA की एक गुप्त रिपोर्ट में कुछ अलग जानकारी दी गई है। CIA की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास अभी भी अपने लॉन्चर का लगभग 75% और मिसाइलों का करीब 70% हिस्सा बचा हुआ है। ईरान ने अमेरिका की इस 75% वाली बात को गलत बताया है।
अमेरिका के बड़े नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर क्या कहा था?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और युद्ध मंत्री Pete Hegseth ने जनता के सामने अधिक सकारात्मक बातें कही थीं। Donald Trump ने कहा था कि ईरान की ज़्यादातर मिसाइलें तबाह हो चुकी हैं और केवल 18% से 19% ही बची हैं। वहीं, Pete Hegseth ने दावा किया था कि ईरान का मिसाइल प्रोग्राम लगभग खत्म हो चुका है। लेकिन CIA की सीक्रेट रिपोर्ट इन बयानों के बिल्कुल उलट जानकारी देती है।
ईरान की सैन्य तैयारी और मौजूदा हालात क्या हैं?
ईरान की IRGC के कमांडर Majid Mousavi ने अप्रैल 2026 में कहा था कि वे मिसाइलों और ड्रोन्स के स्टॉक को बहुत तेज़ी से दोबारा भर रहे हैं। खुफिया रिपोर्टों से पता चला है कि ईरान ने अपने लगभग सभी अंडरग्राउंड गोदाम फिर से खोल लिए हैं और जो मिसाइलें खराब हुई थीं, उन्हें ठीक कर लिया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर समुद्र के रास्ते ईरान की नाकाबंदी होती है, तो भी वह देश 3 से 4 महीने तक आर्थिक रूप से टिक सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के पास मिसाइलों का कितना स्टॉक बचा है?
ईरान के विदेश मंत्री के मुताबिक उनके पास 120% स्टॉक है, जबकि अमेरिकी CIA की रिपोर्ट इसे 70% से 75% के बीच बताती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति और CIA की रिपोर्ट में क्या अंतर है?
राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा था कि केवल 18-19% मिसाइलें बची हैं, लेकिन CIA की गुप्त रिपोर्ट कहती है कि ईरान के पास अभी भी काफी क्षमता बची है।