10 जून 2026 को ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव काफी बढ़ गया है। ईरानी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पुष्टि की है कि उन्होंने उत्तरी इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित अल-हरीर एयर बेस को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे मध्य पूर्व के देशों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है और कई खाड़ी देशों की सीमाओं पर सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।

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अल-हरीर एयर बेस पर कैसे हुआ हमला?

IRGC ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए बताया कि उन्होंने अल-हरीर एयर बेस पर स्थित अमेरिकी सेना के मुख्यालय को निशाना बनाया। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान कुल 5 मिसाइलें दागी गईं। इराकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मिसाइल हमले में कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित एक अमेरिकी रडार सिस्टम पूरी तरह तबाह हो गया है। इस एयर बेस का इस्तेमाल अमेरिकी और सहयोगी गठबंधन सेनाएं मुख्य परिचालन ठिकाने के रूप में करती हैं।

अमेरिका और अन्य खाड़ी देशों की क्या है प्रतिक्रिया?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले के बाद ईरान के भीतर कई ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका इन हमलों का कड़ा जवाब देगा और वार्ता में देरी के लिए तेहरान को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी। वहीं, दूसरी तरफ जॉर्डन की सेना ने अपनी सीमा में ईरान की तरफ से दागी गई 5 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है। कुवैत ने भी अपने हवाई क्षेत्र में संदिग्ध हवाई लक्ष्यों को सक्रियता से निशाना बनाने की बात कही है और बहरीन में हवाई हमले के सायरन बजाए गए हैं।

ईरान ने क्या कदम उठाए हैं?

इस बड़े तनाव के बीच ईरान के रेड क्रीसेंट ने देश के सभी आपातकालीन केंद्रों को हाई अलर्ट पर रख दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। ईरान सरकार के प्रवक्ता ने यह भी कहा है कि वे अब शांति वार्ताओं को लेकर अपने पुराने रुख की दोबारा समीक्षा करेंगे और नए सिरे से रणनीति बनाएंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या इस मिसाइल हमले में किसी अमेरिकी सिस्टम को नुकसान पहुंचा है?

हां, इराकी मीडिया और अल जज़ीरा की रिपोर्ट्स के अनुसार, अल-हरीर एयर बेस पर हुए इस हमले में एक अमेरिकी रडार सिस्टम नष्ट हो गया है।

जॉर्डन और कुवैत जैसे अन्य देशों ने इस स्थिति में क्या किया?

जॉर्डन की सेना ने ईरान से दागी गई 5 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि कुवैत की सेना ने अपने हवाई क्षेत्र में सक्रिय होकर संदिग्ध हवाई लक्ष्यों को निशाना बनाया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का इस पर क्या बयान आया है?

CENTCOM ने घोषणा की है कि उन्होंने ईरानी सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान के भीतर कई लक्ष्यों पर सुरक्षा कारणों से जवाबी हवाई हमले शुरू किए हैं।