जॉर्डन की सेना ने अपनी सीमा की तरफ आ रही पांच मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है। यह मिसाइलें ईरान की तरफ से दागी गई थीं और इनका निशाना जॉर्डन में मौजूद अल-अज़रक इलाका था। इस सैन्य कार्रवाई के बाद मिसाइलों का मलबा जमीन पर गिरा, लेकिन गनीमत रही कि इसमें किसी भी इंसान को चोट नहीं आई और न ही कोई संपत्ति का नुकसान हुआ है।

जॉर्डन सेना और ईरान के दावों में क्या है सच्चाई?

जॉर्डन के सैन्य अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने अल-अज़रक इलाके की तरफ बढ़ रही पांच ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया। इस ऑपरेशन के बाद मलबे के टुकड़े जॉर्डन की जमीन पर गिरे पर किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। दूसरी तरफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि उनका निशाना जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी अल-अज़रक सैन्य बेस था। ईरान के अनुसार, उन्होंने वहां मौजूद F-35 लड़ाकू विमानों के हैंगर और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाने के लिए लंबी दूरी की मिसाइलें दागी थीं।

इलाके में बढ़ता तनाव और सुरक्षा के हालात

यह घटना 10 जून 2026 की है, जो इस क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव को दिखाती है। इससे पहले भी इस साल फरवरी और मार्च के महीनों में इस तरह के ड्रोन और मिसाइल हमले सामने आ चुके हैं। ईरान ने अपनी इस कार्रवाई को गठबंधन सेनाओं की गतिविधियों के खिलाफ एक जवाबी कदम बताया है। इसके साथ ही ईरान के सैन्य संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सेना ने उनके खिलाफ कोई और कदम उठाया, तो वे इसका और भी कड़ा जवाब देंगे। फिलहाल जॉर्डन की सेना पूरी तरह से मुस्तैद है और सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जॉर्डन में मिसाइलें कहाँ दागी गई थीं?

यह मिसाइलें ईरान से जॉर्डन के अल-अज़रक (al-Azraq) इलाके की तरफ दागी गई थीं, जहां अमेरिकी सेना का बेस स्थित है।

क्या मिसाइल हमले में कोई नुकसान हुआ है?

जॉर्डन की सेना ने सभी पांच मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे केवल मलबा गिरा और कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।