अमेरिका ने हाल ही में UFO से जुड़ी कुछ गुप्त फाइलें सार्वजनिक की हैं, जिस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस शुरू हो गई है. इस कदम पर ईरान के दक्षिण अफ्रीका स्थित दूतावास ने तंज कसा है. ईरान का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया का ध्यान ईरान के साथ चल रहे युद्ध और तनाव से हटाने के लिए ऐसा कर रहे हैं.

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अमेरिका ने UFO फाइलों को लेकर क्या कदम उठाया?

अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन ने 8 मई 2026 को UFO (UAP) से जुड़ी पुरानी और गुप्त फाइलों को जारी करना शुरू किया. इस पहल को PURSUE नाम दिया गया है, जिसका मकसद सरकार की समझ को जनता के सामने लाना है. पहली किस्त में कुल 161 फाइलें जारी की गईं, जिनमें FBI के कई पुराने दस्तावेज़ शामिल थे. युद्ध सचिव Pete Hegseth ने बताया कि सरकार इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरत रही है.

ईरान ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाए?

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के दक्षिण अफ्रीका दूतावास ने सोशल मीडिया पर इस कदम का मज़ाक उड़ाया. दूतावास ने दावा किया कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन जानबूझकर इन फाइलों को सार्वजनिक कर रहा है ताकि लोगों का ध्यान ईरान के साथ चल रहे युद्ध से हट जाए. गौरतलब है कि इस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच समुद्र में जहाजों को लेकर काफी तनाव रहा है और दोनों पक्षों के बीच गोलाबारी की खबरें भी आई हैं.

क्या वाकई एलियंस का कोई सबूत मिला है?

फाइलें जारी होने के बावजूद पेंटागन का आधिकारिक स्टैंड वही है. रक्षा विभाग ने साफ़ किया है कि उनके पास ऐसा कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है जिससे यह कहा जा सके कि UFO किसी दूसरी दुनिया के जीवों या एलियन तकनीक से जुड़े हैं. यह पूरी प्रक्रिया सिर्फ सरकारी दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करने के लिए की जा रही है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने कितनी UFO फाइलें जारी की हैं?

8 मई 2026 को PURSUE प्रोग्राम के तहत पहली बार 161 फाइलें जारी की गईं, जिनमें FBI के पुराने दस्तावेज़ शामिल थे.

ईरान ने अमेरिकी सरकार पर क्या आरोप लगाया है?

ईरान का आरोप है कि राष्ट्रपति ट्रंप UFO फाइलों का इस्तेमाल लोगों का ध्यान ईरान के साथ चल रहे युद्ध और सैन्य तनाव से भटकाने के लिए कर रहे हैं.