ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। एक इजरायली सुरक्षा सूत्र के अनुसार 19 जुलाई 2026 तक वे ईरान में मौजूद नहीं हैं। पिता की मृत्यु के बाद पद संभालने वाले मुज्तबा ने अब तक कोई सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है और वे केवल लिखित संदेशों के जरिए ही संवाद कर रहे हैं। इन संदेशों के पीछे IRGC प्रमुख Ahmad Vahidi और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का हाथ होने का दावा किया जा रहा है ताकि देश में सब कुछ सामान्य दिखने का भ्रम बना रहे।
ईरान में बढ़ता अंदरूनी तनाव
ईरान की आंतरिक स्थिति काफी खराब बनी हुई है। देश के कट्टरपंथी धड़ों और उदारवादी प्रशासन के बीच सत्ता को लेकर संघर्ष छिड़ा है। 14-सूत्रीय राजनयिक समझौते के बाद कट्टरपंथी गुटों ने सरकार पर सॉफ्ट कूप करने का आरोप लगाया है। पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान विदेश मंत्री Abbas Araghchi पर पत्थरबाजी हुई और राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। ये घटनाएं दिखाती हैं कि देश में सरकार और हार्डलाइनर्स के बीच दूरी कितनी बढ़ गई है।
अमेरिका और इजरायल का रुख
क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिका का स्पष्ट कहना है कि वह नहीं चाहता कि इजरायल ईरान पर किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई करे। Trump प्रशासन के अनुसार वे इस पूरे मामले में इजरायल की सीधी भागीदारी को रोकना चाहते हैं ताकि संघर्ष और न बढ़े। इसके बावजूद इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने 10 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया था कि IDF ईरान के खिलाफ स्वतंत्र रूप से सैन्य अभियान चलाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
