ईरान के छोटे और तेज़ जहाजों, जिन्हें ‘मच्छर बेड़ा’ कहा जा रहा है, ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा दिया है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने इस समुद्री रास्ते को लगभग बंद कर दिया है। अमेरिका की बार-बार चेतावनी के बाद भी तेहरान अपना नियंत्रण बनाए हुए है, जिससे वैश्विक व्यापार और शिपिंग पर बड़ा असर पड़ रहा है।

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ईरान का ‘मच्छर बेड़ा’ क्या है और इससे क्या खतरा है?

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के छोटे और तेज़ हमलावर जहाजों को ‘मच्छर बेड़ा’ कहा जाता है। इनका इस्तेमाल अचानक हमला करने और समुद्री रास्तों को ब्लॉक करने के लिए किया जाता है। मौजूदा हालात काफी गंभीर हैं क्योंकि जहाँ इस रास्ते से पहले रोज़ाना 120 से 140 जहाज़ गुज़रते थे, अब वह संख्या घटकर सिर्फ 3 जहाज़ रह गई है। 30 अप्रैल को इन छोटी नावों ने तीन बड़े कंटेनर जहाजों पर हमला किया था, जिनमें से दो को ईरान के बंदरगाहों पर ले जाया गया।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की मुख्य वजह क्या है?

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खमेनी ने साफ कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण रहेगा और वह अपने परमाणु व मिसाइल प्रोग्राम की रक्षा करेगा। वहीं, ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने एक नया मैनेजमेंट मॉडल लाने की बात कही है, जिसमें अमेरिका की कोई भूमिका नहीं होगी। दूसरी तरफ, अमेरिकी ट्रेजरी ने एक चेतावनी जारी की है कि अगर कोई कंपनी सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान को पैसे या ‘टोल’ देती है, तो उस पर कड़ी पाबंदियाँ लगाई जाएँगी।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?

यूएई के वरिष्ठ अधिकारियों ने ईरान की बातों पर भरोसा करने से इनकार कर दिया है। फ्रांस ने ‘मैरीटाइम फ्रीडम कंस्ट्रक्ट’ नाम से एक नया गठबंधन बनाने की योजना बनाई है ताकि इस समुद्री रास्ते को दोबारा खोला जा सके। पाकिस्तान फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और व्यापारियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि शिपिंग रूट बंद होने से सामान की आवाजाही महंगी हो सकती है और सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान का ‘मच्छर बेड़ा’ क्या है?

यह IRGC की छोटी और तेज़ हमलावर नावों का समूह है, जो समुद्री रास्तों पर नियंत्रण करने और अचानक हमले करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

अमेरिका ने कंपनियों को क्या चेतावनी दी है?

अमेरिकी ट्रेजरी ने कहा है कि जो भी व्यक्ति या कंपनी ईरान को सुरक्षित रास्ता पाने के लिए पैसे या टोल देगी, उसे प्रतिबंधों का सामना करना होगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com