अप्रैल 2024 में ईरान द्वारा पकड़े गए पुर्तगाली ध्वज वाले कंटेनर जहाज MSC Aries को लेकर नई जानकारी सामने आई है। ईरानी न्यायपालिका ने जहाज के मालिक इजरायली अरबपति एयाल ओफर पर आतंकवाद के वित्तपोषण का आरोप लगाते हुए 170 मिलियन डॉलर का भारी जुर्माना लगाया है। यह जहाज लंबे समय तक ईरानी कब्जे में रहने के बाद पिछले साल रिहा किया गया था। इस मामले का असर अब भी अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर देखा जा रहा है।
जहाज की रिहाई और चालक दल की वर्तमान स्थिति क्या है?
MSC Aries जहाज को 13 अप्रैल 2024 को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास से अपने कब्जे में लिया था। उस समय जहाज पर कुल 25 चालक दल के सदस्य मौजूद थे जिनमें से अधिकतर भारतीय नागरिक थे। भारत सरकार के हस्तक्षेप और मानवीय आधार पर इन भारतीय सदस्यों को मई 2024 में ही रिहा कर दिया गया था। जहाज खुद एक साल से अधिक समय तक ईरान की हिरासत में रहने के बाद 170 अप्रैल 2025 को छोड़ा गया और जून 2025 में बेल्जियम के एंटवर्प बंदरगाह पहुंचा।
ईरान द्वारा लगाए गए जुर्माने और समुद्री संकट की ताजा जानकारी
ईरानी प्रवक्ता असगर जहांगीर के अनुसार यह जुर्माना जहाज की कुल अनुमानित कीमत के बराबर है। अधिकारियों का दावा है कि इस जहाज ने समुद्री नियमों का उल्लंघन किया और इसका संबंध इजरायली शासन से था। वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति फिर से गंभीर हो गई है और ताजा हमलों के कारण समुद्री यातायात में 86 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई वैश्विक शिपिंग कंपनियों ने इस रास्ते से अपने जहाजों को भेजना बंद कर दिया है जिससे बीमा दरों में भी काफी बढ़ोतरी हुई है।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| जहाज का नाम | MSC Aries |
| जब्ती की तारीख | 13 अप्रैल 2024 |
| भारतीय चालक दल | मई 2024 में रिहा हुए |
| जुर्माने की मांग | 170 मिलियन डॉलर |
| कार्गो की कीमत | 93.6 मिलियन डॉलर |
| यातायात प्रभाव | होर्मुज मार्ग में 86% की गिरावट |
