ईरान में पिछले 23 दिनों से इंटरनेट पूरी तरह से बंद है और लोग दुनिया से कट गए हैं। 22 मार्च 2026 तक देश में इंटरनेट ठप हुए 500 घंटे से ज़्यादा का समय बीत चुका है। यह पाबंदी 28 फरवरी को ईरान पर हुए सैन्य हमलों के कुछ घंटों बाद लगाई गई थी। मॉनिटरिंग ग्रुप NetBlocks के मुताबिक, यह किसी भी देश में अब तक का सबसे लंबा इंटरनेट ब्लैकआउट है।

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ईरान सरकार ने इंटरनेट को लेकर क्या कड़े नियम बनाए हैं?

ईरानी अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इंटरनेट पर पाबंदी लगाई है। सरकार का कहना है कि बाहरी हमलों के बीच देश की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाना ज़रूरी था। अधिकारियों ने जनता के लिए कुछ कड़े निर्देश जारी किए हैं जो नीचे दिए गए हैं:

  • बमबारी वाली जगहों की फोटो शेयर करना अब एक सुरक्षा अपराध माना जाएगा।
  • इंटरनेशनल इंटरनेट या VPN का इस्तेमाल करने वालों पर दुश्मन के साथ मिलकर काम करने का मुकदमा चल सकता है।
  • मोबाइल ऑपरेटर ग्राहकों को मैसेज भेजकर चेतावनी दे रहे हैं कि बार-बार ग्लोबल इंटरनेट से जुड़ने पर फोन लाइन काट दी जाएगी।
  • सर्च इंजन और VPN के इस्तेमाल को अब सीधे तौर पर खतरे के रूप में देखा जा रहा है।

आम जनता और संचार के साधनों पर क्या असर पड़ा है?

इस ब्लैकआउट की वजह से आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने परिवार और करीबियों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। सरकार अब सिर्फ अपने हिसाब से चुने हुए लोगों को ही इंटरनेट की सुविधा दे रही है ताकि वे सरकार की बात दुनिया तक पहुँचा सकें।

सुविधा वर्तमान स्थिति
इंटरनेशनल इंटरनेट पूरी तरह बंद
VPN सेवा गैर-कानूनी और ब्लॉक
Starlink सिस्टम ज़ब्त और सख्त सजा का प्रावधान
सरकारी इंटरनेट (NIN) सीमित और कंट्रोल में चालू

ईरान के खुफिया विभाग ने हाल ही में सैकड़ों Starlink टर्मिनल ज़ब्त किए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गैर-कानूनी तरीके से सैटेलाइट इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों को सबसे कठोर सजा दी जाएगी। मानवाधिकार संगठनों ने इस पाबंदी को खत्म करने की अपील की है क्योंकि इससे आम नागरिकों की जान को जोखिम बढ़ गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.