ओमान की खाड़ी में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है. ईरान की नेवी ने ‘Ocean Koi’ नाम के एक तेल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया है. दूसरी तरफ अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए दो अन्य जहाजों को बेकार कर दिया है. इस खींचतान की वजह से पूरे इलाके में हलचल मच गई है और दोनों देशों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है.

ईरान ने ‘Ocean Koi’ टैंकर को क्यों पकड़ा?

ईरान ने यह बड़ा कदम अपनी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के फैसले और एक न्यायिक आदेश के बाद उठाया है. इस मामले की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • जहाज की पहचान: इस टैंकर को ‘Ocean Koi’ और ‘Jin Li’ के नाम से जाना जाता है.
  • प्रतिबंध: यह जहाज फरवरी 2025 से ही अमेरिकी ट्रेजरी और OFAC के प्रतिबंधों की लिस्ट में था.
  • आखिरी लोकेशन: 7 मई 2026 को इस जहाज ने ओमान के तट से हाई-सल्फर फ्यूल ऑयल (HSFO) लोड किया था और यह UAE के खोर फक्कन पोर्ट जा रहा था.

ईरान की आर्मी पब्लिक रिलेशंस ऑफिस ने साफ कहा है कि वे अपने राष्ट्रीय हितों और संपत्तियों की पूरी ताकत से रक्षा करेंगे और किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिका का पलटवार और ईरान की जवाबी धमकी

ईरान की कार्रवाई के जवाब में अमेरिकी सेना ने भी अपनी ताकत दिखाई है. US सेंट्रल कमांड के मुताबिक, USS जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश जहाज से उड़े F/A-18 सुपर हॉर्नेट विमानों ने सटीक मिसाइलों से M/T Sea Star III और M/T Sevda नाम के दो टैंकरों को निशाना बनाकर उन्हें बेकार कर दिया. अमेरिका ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि ये जहाज अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन कर ईरानी पोर्ट में न घुस सकें.

वहीं, ईरान की सेना ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिकी डिस्ट्रॉयर जहाजों पर क्रूज मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन से हमला किया है. ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका की इस हरकत को ‘लापरवाह सैन्य साहसिक कार्य’ बताया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने 8 अप्रैल के युद्धविराम का उल्लंघन किया है. अराघची ने यह भी दावा किया कि ईरान का मिसाइल भंडार और लॉन्चर क्षमता अब 120 प्रतिशत तक पहुँच गई है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Ocean Koi टैंकर को ईरान ने क्यों जब्त किया?

ईरान ने इसे अपनी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के फैसले और अदालती आदेश के तहत जब्त किया है ताकि अपने तेल निर्यात और राष्ट्रीय हितों की रक्षा की जा सके.

अमेरिका ने किन जहाजों को निशाना बनाया और क्यों?

अमेरिका ने M/T Sea Star III और M/T Sevda नाम के दो टैंकरों को नष्ट किया ताकि वे अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन कर ईरान के बंदरगाहों में प्रवेश न कर सकें.