पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान की नौसेना ने बड़ी घोषणा की है। ईरानी नौसेना के अनुसार हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अब स्थायी बदलाव हो चुके हैं और यह खासतौर पर अमेरिका और इसराइल के लिए अपने पुराने स्वरूप में कभी वापस नहीं लौटेगा। ईरान ने साफ किया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल स्थानीय देशों की है और बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बयान के बाद इलाके में युद्ध जैसे हालात और गहरे हो गए हैं।

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ईरान के नए नियम और ट्रंप की चेतावनी

ईरान की संसद अब एक नया कानून लाने की प्रक्रिया में है जिसके तहत हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी रियाल में ट्रांजिट फीस देनी होगी। इसके अलावा ईरान उन देशों के जहाजों पर रोक लगाने की योजना बना रहा है जो उस पर लगे प्रतिबंधों का समर्थन करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार, 7 अप्रैल की रात 8 बजे तक का समय दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने यह रास्ता नहीं खोला तो उसके पावर प्लांट और बुनियादी ढांचे पर हमला किया जा सकता है।

क्षेत्र में सुरक्षा और प्रवासियों पर असर

पिछले कुछ दिनों में खाड़ी के देशों में सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत ने ईरान की ओर से आए मिसाइलों और ड्रोनों को अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली से रोकने की पुष्टि की है। इस तनाव का असर समुद्री व्यापार पर भी दिख रहा है। वर्तमान में इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले सात गुना कम हो गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भविष्य में यात्रा और सामानों की कीमतों पर असर पड़ सकता है।

मौजूदा स्थिति और महत्वपूर्ण आंकड़े

घटना / विषय ताजा स्थिति
ट्रंप का अल्टीमेटम मंगलवार, 7 अप्रैल (8:00 PM ET)
ईरानी संसद का प्रस्ताव जहाजों से रियाल में टैक्स की वसूली
हवाई सुरक्षा UAE और कुवैत ने मिसाइलें इंटरसेप्ट कीं
समुद्री यातायात सामान्य से बहुत कम जहाजों की आवाजाही
ओमान की भूमिका रास्ता सुगम बनाने के लिए ईरान से बातचीत
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.