Iran New Leader Statement: अमेरिका और इसराइल से मांगे मुआवज़ा, कहा संपत्ति ज़ब्त करेगा ईरान, Gulf देशों को दी चेतावनी
ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि युद्ध से हुए नुकसान के लिए तेहरान मुआवज़े की मांग करेगा। अगर यह मांग पूरी नहीं हुई, तो ईरान उनकी संपत्तियां ज़ब्त कर लेगा या उन्हें तबाह कर देगा। यह बयान उनके पिता की मौत के 40 दिन बाद राज्य टेलीविजन के ज़रिए दिया गया है।
ईरान की मुआवज़े की मांग और चेतावनी
Mojtaba Khamenei ने कहा कि शहीदों के खून और घायलों के लिए हर्जाना लेना ज़रूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मुआवज़ा देने से मना किया गया, तो ईरान जितनी ज़रूरत होगी उतनी संपत्ति ज़ब्त कर लेगा और यदि यह संभव नहीं हुआ, तो उतनी ही कीमत की संपत्ति को नष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ़ किया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन वह अपने कानूनी अधिकारों को नहीं छोड़ेगा।
Strait of Hormuz और पड़ोसी देशों के लिए संदेश
ईरान ने ऐलान किया है कि Strait of Hormuz का मैनेजमेंट अब एक नए दौर में प्रवेश करेगा। साथ ही, उन्होंने Gulf देशों यानी अपने दक्षिणी पड़ोसियों को सलाह दी कि वे अपने गठबंधन पर दोबारा विचार करें और बाहरी ताकतों के झूठे वादों से बचें। हालांकि, शिपिंग सूत्रों का कहना है कि ईरानी नेवी अभी भी जहाज़ों को धमका रही है, जिस पर राष्ट्रपति Donald Trump ने चिंता जताई है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता और ईरान का 10-सूत्री प्लान
पाकिस्तान की मदद से अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ है, जिसकी बातचीत 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में शुरू होगी। ईरान ने शांति के लिए 10 बिंदुओं का प्रस्ताव रखा है, जिसमें मुख्य मांगें ये हैं:
- क्षेत्र से अमेरिकी सेना की पूरी तरह वापसी।
- ईरान पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटाना।
- युद्ध के नुकसान के लिए मुआवज़ा देना।
- परमाणु संवर्धन के अधिकार को मान्यता देना।
- Strait of Hormuz पर ईरान के नियंत्रण को स्वीकार करना।
राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के इस प्रस्ताव को बातचीत के लिए एक workable आधार बताया है। हालांकि, लेबनान में युद्धविराम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी मतभेद हैं।




