ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mujtaba Khamenei ने अपने पिता Ali Khamenei की मौत का बदला लेने की कसम खाई है. उन्होंने एक संदेश जारी कर कहा है कि उनके पिता की हत्या का बदला लेना पूरे देश की मांग है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा.
बदले की चेतावनी और हमले का जिक्र
Mujtaba Khamenei ने 11 जुलाई 2026 को जारी अपने संदेश में कहा कि उनके पिता की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के संयुक्त हवाई हमले में हुई थी. उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी कि इस हमले के जिम्मेदार लोग चैन की नींद नहीं सो पाएंगे और उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी. उन्होंने कहा कि यह बदला तय है और यह किसी एक व्यक्ति या अधिकारी के फैसले पर निर्भर नहीं है.
सुरक्षा कारणों से छिपे हैं नेता
बताया जा रहा है कि 28 फरवरी के हमले के बाद से Mujtaba Khamenei किसी के सामने नहीं आए हैं. इस वजह से यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे या तो घायल हैं या फिर सुरक्षा कारणों से किसी सुरक्षित जगह पर छिपे हुए हैं. उन्होंने अपने संदेश में दोहराया कि देश की इच्छा है कि अली खमेनी और युद्ध में मारे गए अन्य लोगों का खून का बदला लिया जाए.
बढ़ता तनाव और कूटनीतिक हलचल
इस समय ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है, वहीं ईरान ने मौजूदा हालातों में किसी भी तरह की बातचीत करने से मना कर दिया है. इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री ने स्थिति को संभालने के लिए Oman और Turkey के समकक्षों के साथ-साथ पाकिस्तान के आर्मी चीफ से भी चर्चा की है.
लाखों की भीड़ में शामिल नहीं हुए बेटे
पूर्व नेता Ali Khamenei का अंतिम संस्कार मशहद के Imam Reza मंदिर में किया गया, जहां लाखों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे थे. हालांकि, सुरक्षा कारणों से Mujtaba Khamenei इस अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए.
