ईरान ने खाड़ी देशों और पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र के लिए एक नया सुरक्षा ढांचा तैयार करने की पहल की है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के उप सचिव अली बाघेरी-कानी ने दावा किया है कि इस नए सुरक्षा समीकरण को अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों की तरफ से काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। रूस के मॉस्को में आयोजित एक बड़ी सुरक्षा बैठक के दौरान ईरान ने इस योजना को दुनिया के सामने रखा है। ईरान का मुख्य रूप से कहना है कि इस क्षेत्र की सुरक्षा यहीं के देशों के हाथ में होनी चाहिए और बाहरी ताकतों का दखल पूरी तरह से बंद होना चाहिए।

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ईरान का नया सुरक्षा समीकरण क्या है और इसे कहां पेश किया गया?

ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप सचिव अली बाघेरी-कानी ने रूस के मॉस्को में आयोजित 14वीं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों की बैठक में इस नए प्लान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईरान पश्चिम एशिया में शांति और सुरक्षा के लिए सभी जिम्मेदार देशों के साथ बातचीत करने और मिलकर काम करने के लिए तैयार है।

ईरान के इस नए प्लान की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • खुद की सुरक्षा: खाड़ी क्षेत्र के देशों को अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही इंतजाम करने चाहिए।
  • बाहरी ताकतों से दूरी: सुरक्षा व्यवस्था को बाहरी और विदेशी ताकतों के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त रखना होगा।
  • स्थिरता और सहयोग: क्षेत्र में किसी भी संकट के मूल कारणों को खत्म करने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाना होगा।

अमेरिका और इसराइल पर ईरान ने लगाए गंभीर आरोप

सुरक्षा बैठक के दौरान ईरान ने अमेरिका और इसराइल की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। अली बाघेरी-कानी ने कहा कि अमेरिका और इसराइल इस क्षेत्र में संकट के असली कारणों को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये ताकतें फिलिस्तीन के मुद्दे को पूरी तरह से किनारे करना चाहती हैं।

इसके अलावा ईरान ने ‘अब्राहम समझौते’ (Abraham Accords) को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया। ईरान का मानना है कि इस तरह के समझौते खाड़ी देशों में शांति स्थापित करने के बजाय अस्थिरता पैदा करते हैं।

ईरानी सेना की तैयारी और खाड़ी देशों को मिली सलाह

इस सुरक्षा बैठक के समानांतर ईरान के भीतर से भी कड़े बयान सामने आए हैं। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल हसनजादेह ने बयान दिया है कि ईरान की सेना हर वक्त पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दुश्मनों ने कोई भी गलती की, तो सेना उसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार खड़ी है।

इसी बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने भी फारस की खाड़ी के पड़ोसी देशों से अपील की है। उन्होंने कहा कि अपने देशों की सुरक्षा के लिए किसी भी बाहरी ताकत पर भरोसा करने से बचना चाहिए क्योंकि असली सुरक्षा आपस के तालमेल से ही आ सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के नए सुरक्षा समीकरण का मुख्य उद्देश्य क्या है?

ईरान के इस नए सुरक्षा समीकरण का मुख्य उद्देश्य फारस की खाड़ी के देशों में बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और शांति स्थापित करना है।

मॉस्को में हुई बैठक में ईरान ने किस पर निशाना साधा?

ईरान ने मॉस्को में आयोजित सुरक्षा बैठक में अमेरिका और इसराइल पर निशाना साधा और उन पर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया।

ईरानी सेना ने सुरक्षा को लेकर क्या चेतावनी दी है?

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेना हर तरह के खतरे से निपटने के लिए पूरी तैयारी में है और किसी भी विरोधी कदम का तुरंत जवाब दिया जाएगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.