ईरान में नए सुप्रीम लीडर के तौर पर 56 वर्षीय अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई को चुना गया है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतह अली ने साफ कहा है कि यह फैसला ईरान की जनता का है और इसमें अमेरिकी सरकार की कोई दखलंदाजी नहीं चलेगी। इस बीच नए लीडर के आते ही मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है, जिसका सीधा असर गल्फ देशों में रहने वाले भारतीयों पर पड़ रहा है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए मिडिल ईस्ट में होने वाले CBSE बोर्ड के 12वीं के एग्जाम फिलहाल टाल दिए गए हैं।

ईरान के नए लीडर और अमेरिका से तनातनी

ईरान की 88 सदस्यों वाली ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने 8 मार्च 2026 को मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया। यह 1979 के बाद पहली बार है जब पिता के बाद बेटे को यह पद मिला है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया था कि नए लीडर को अमेरिका की मंजूरी लेनी होगी। इस पर ईरानी राजदूत ने कड़ा जवाब देते हुए कहा कि 28 फरवरी को पुराने लीडर की हत्या के बाद युद्ध जैसे हालात में भी ईरान का संविधान मजबूती से काम कर रहा है और उन्हें अमेरिका से किसी तरह की मंजूरी की जरूरत नहीं है।

गल्फ में रहने वाले भारतीयों और छात्रों पर असर

नए लीडर के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने इसराइल और अन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले तेज कर दिए हैं। इस बढ़ते सैन्य तनाव के कारण मिडिल ईस्ट में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालात को देखते हुए CBSE ने 12 से 16 मार्च के बीच होने वाली 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को मिडिल ईस्ट रीजन में पोस्टपोन कर दिया है। इसके अलावा कच्चे तेल के बाजार में भी भारी हलचल देखने को मिल रही है। ईरान ने एनर्जी साइट्स को निशाना बनाने की बात कही है जिससे तेल के दाम में काफी उतार-चढ़ाव आ रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.