ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के एक एयरस्ट्राइक में बुरी तरह घायल होने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को हुए एक हवाई हमले में उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि उनका एक पैर कट गया है और वह तेहरान के सीना यूनिवर्सिटी अस्पताल में कोमा में हैं। हालांकि, ईरान के अधिकारियों ने दावा किया है कि वह सुरक्षित हैं और उनका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ गया है।

ℹ: UN अधिकारी Ben Saul का बड़ा बयान, US और Israel पर लगाया गंभीर आरोप

ईरान के अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स में क्या कहा गया है

अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान ‘द सन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई के पेट और लिवर में गंभीर चोटें आई हैं। वह अस्पताल में जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं। 12 मार्च 2026 को ईरान के सरकारी टीवी पर उनके नाम से एक संदेश पढ़ा गया। इस प्रसारण में उनकी कोई वीडियो या ऑडियो नहीं दिखाई गई, बल्कि एक पुरानी फोटो के साथ न्यूज़ एंकर ने संदेश पढ़ा।

  • ईरानी राजदूत का बयान: साइप्रस में ईरान के राजदूत अलिरेज़ा सलारियन ने मीडिया को बताया कि मोजतबा के पैर और हाथ में चोट आई है।
  • सरकारी सलाहकार की पोस्ट: यूसुफ पेजेशकियन ने टेलीग्राम पर पोस्ट कर कहा कि उनके सूत्रों के अनुसार लीडर सुरक्षित हैं।
  • सरकारी मीडिया: ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA ने उन्हें युद्ध में घायल होने वाला ‘जानबाज’ (Janbaz) बताया है।

इस हमले का दुनिया और बाज़ार पर क्या असर पड़ा

28 फरवरी को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (Operation Epic Fury) के तहत यह हवाई हमला किया गया था। इस हमले में पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद 8 मार्च को मोजतबा को नया लीडर चुना गया। लीडर के घायल होने के कारण फिलहाल देश की कमान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हाथों में है।

  • हर्मुज जलमार्ग बंद: ईरान ने ऐलान किया है कि स्ट्रेट ऑफ हर्मुज (Strait of Hormuz) बंद रहेगा और वे इस हमले का पूरा बदला लेंगे।
  • कच्चे तेल की कीमत: इस तनाव और जलमार्ग बंद होने की खबर से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
  • प्रवासियों पर प्रभाव: तेल की कीमतों में उछाल और युद्ध के हालात से खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों की यात्रा और रोज़गार पर सीधा असर पड़ सकता है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.