ईरान में नए सुप्रीम लीडर के चुनाव के बाद देश में तनाव का माहौल है। निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी ने सोमवार को ईरानी सेना से अपने हथियार डालकर आम जनता के साथ खड़े होने की अपील की है। प्रिंस का कहना है कि जो लोग इस वक्त जनता का साथ देंगे, उन्हें नए और आज़ाद ईरान में सम्मानजनक जगह मिलेगी।

ईरान के नए सुप्रीम लीडर और उनका विरोध

8 मार्च 2026 को ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया। वह पूर्व लीडर अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं, जिनका निधन 28 फरवरी को हुआ था। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने मोजतबा को बधाई दी और इसे राष्ट्रीय एकता के लिए जरूरी बताया।

वहीं दूसरी तरफ, निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी इस सत्ता परिवर्तन का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उन्होंने देश की सेना और आईआरजीसी से कहा है कि वे नए शासन का समर्थन न करें। उनका मुख्य उद्देश्य देश में बिना खून-खराबे के एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण बदलाव लाना है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मोजतबा की नियुक्ति को अस्वीकार्य बताया है और इसे खारिज किया है।

कच्चे तेल की कीमतों पर असर और ताज़ा हालात

ईरान में चल रहे इस राजनीतिक उथल-पुथल का सीधा असर ग्लोबल मार्केट पर पड़ रहा है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। इसके अलावा ईरान के अंदर और बाहर रहने वाले नागरिक बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

  • नया सुप्रीम लीडर: मोजतबा खामेनेई (56-57 वर्ष)
  • संविधान का नियम: यह नियुक्ति ईरानी संविधान के अनुच्छेद 111 के तहत की गई है।
  • अमेरिकी प्रतिक्रिया: डोनाल्ड ट्रंप ने नियुक्ति को पूरी तरह खारिज किया है।
  • तेल के दाम: ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के पार गया।
Sushma Kumari

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