ईरान के नए सुप्रीम लीडर ने अमेरिका-इसराइल को दी चेतावनी, हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अब ईरान का होगा कड़ा पहरा
ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने पद संभालते ही कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने साफ किया है कि अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए हमलों को बिना सजा के नहीं छोड़ा जाएगा। ईरान ने अब Strait of Hormuz से होने वाले व्यापार पर नए प्रतिबंध लगाने और मुआवजे की मांग तेज कर दी है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाली बातचीत से पहले ईरान ने खुद को इस जंग का असली विजेता घोषित किया है।
इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत और ईरान की मुख्य मांगें
ईरान और अमेरिका के बीच शनिवार से पाकिस्तान में बातचीत का नया दौर शुरू होने जा रहा है। इस वार्ता में ईरान ने युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई और शहीद हुए लोगों के लिए मुआवजे की शर्त रखी है। अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति JD Vance इस बातचीत में शामिल होंगे। ईरानी प्रशासन का कहना है कि यह सीजफायर उनकी कमजोरी नहीं बल्कि उनकी जीत का प्रतीक है और वे अपने हक के लिए आखिरी तक लड़ेंगे।
जहाजों की आवाजाही और Strait of Hormuz पर नए नियम
ईरान ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नए नियमों की घोषणा की है। इन नियमों के लागू होने के बाद समुद्री व्यापार पर बड़ा असर पड़ने वाला है।
- अब इस रास्ते से दिन भर में सिर्फ 15 जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
- हर जहाज को ईरान की सशस्त्र सेनाओं से पहले तालमेल बिठाना होगा।
- बिना अनुमति और प्रोटोकॉल का पालन किए किसी भी जहाज को प्रवेश नहीं मिलेगा।
- ईरान ने इस समुद्री रास्ते के प्रबंधन को अब एक नए और सख्त चरण में डाल दिया है।
- इस रास्ते पर ईरान ने अपनी समुद्री माइंस और अन्य सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए हैं।
मौजूदा सीजफायर और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए एक नाजुक युद्धविराम हुआ है, लेकिन इसे लेकर कई विवाद बने हुए हैं। इसराइल और अमेरिका का मानना है कि यह समझौता Lebanon के लिए नहीं है, जबकि ईरान इसे पूरे क्षेत्र के लिए मान रहा है। लेबनान में इसराइली हमले अभी भी जारी हैं, जिससे यह समझौता टूटने का खतरा बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र ने भी चेतावनी दी है कि अगर हमले नहीं रुके तो शांति की कोशिशें बेकार जा सकती हैं।




