ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और नॉर्वे के डिप्टी विदेश मंत्री Andreas Kravik के बीच मंगलवार, 12 मई 2026 को तेहरान में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस मुलाकात में दोनों देशों ने बातचीत की मौजूदा स्थिति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर चर्चा की। इस दौरान क्षेत्र में बढ़ते तनाव और जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बातें हुईं।

Strait of Hormuz और फंसे हुए जहाजों का क्या मामला है?

नॉर्वे के डिप्टी विदेश मंत्री Andreas Kravik ने बैठक में Strait of Hormuz को खोलने की मांग की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कमर्शियल जहाजों पर हमला और रास्ते में रुकावट डालना बिल्कुल गलत है। नॉर्वे के लगभग 25 जहाज फिलहाल वहां फंसे हुए हैं, जिसे लेकर नॉर्वे ने ईरान के रवैये को अस्वीकार्य बताया है।

कुवैत और अमेरिका के साथ ईरान की तनातनी क्यों बढ़ी?

दूसरी तरफ, कुवैत ने ईरान पर 1 मई को Bubiyan Island में घुसपैठ की कोशिश करने का आरोप लगाया है। ईरान ने इन आरोपों को गलत बताया और कहा कि यह नेविगेशन सिस्टम की गड़बड़ी की वजह से हुआ। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया और कहा कि युद्धविराम अब खत्म होने की कगार पर है।

  • ईरानी राजनयिक Kazem Gharibabadi ने कहा कि धमकी और दबाव से शांति नहीं आ सकती।
  • ईरान के अंदर भी अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर अलग-अलग गुटों में विवाद चल रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

नॉर्वे के जहाज कहां फंसे हुए हैं?

नॉर्वे के करीब 25 जहाज Strait of Hormuz में फंसे हुए हैं, जिन्हें छुड़ाने और रास्ता खोलने के लिए नॉर्वे के डिप्टी विदेश मंत्री ने ईरान सरकार पर दबाव बनाया है।

कुवैत ने ईरान पर क्या आरोप लगाया है?

कुवैत ने आरोप लगाया कि 1 मई को ईरान ने उनके Bubiyan Island में घुसने की कोशिश की थी, जिसे ईरान ने नेविगेशन सिस्टम की खराबी बताकर खारिज कर दिया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.