ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव में एक बड़ा मोड़ आया है। ईरान ने अपने पुराने रुख को बदलते हुए अब परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करने के लिए अपनी सहमति दे दी है। पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा गया है, जिससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में आपसी तनाव कम हो सकता है।

ईरान के नए प्रस्ताव में कौन सी बड़ी बातें शामिल हैं?

ईरान ने अपनी नई पेशकश में कई अहम बिंदुओं पर बात की है, जो पहले उसकी शर्तों में नहीं थे। इस प्रस्ताव की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • यूरेनियम संवर्धन: ईरान ने यूरेनियम संवर्धन की सीमा को 3.5% तक सीमित रखने का सुझाव दिया है।
  • स्टॉक में कमी: ईरान अपने पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम के भंडार को धीरे-धीरे कम करने के लिए तैयार है।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाता है, तो वह धीरे-धीरे हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए राजी है।
  • सेना की तैनाती: ईरान ने अमेरिका की सेना को क्षेत्र से पूरी तरह हटाने की मांग छोड़ दी है, लेकिन उसने अपनी सीमाओं के पास सैन्य जमावड़े को रोकने और भविष्य में हमलों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गारंटी मांगी है।

अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का क्या रिएक्शन है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पुष्टि की है कि वह पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए मिले 14 सूत्री शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं। उनका लक्ष्य इस संघर्ष को 30 दिनों के भीतर समाप्त करना है। हालांकि, ट्रंप ने साफ किया है कि वह किसी भी ऐसे समझौते से संतुष्ट नहीं होंगे जिससे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने का मौका मिले।

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Olivia Wales ने भी यह स्पष्ट किया है कि अमेरिका केवल ऐसा सौदा करेगा जिसमें अमेरिकी हितों को प्राथमिकता दी जाए और ईरान के परमाणु हथियार बनाने की कोशिशों पर पूरी तरह रोक लगे। यूरोपीय संघ ने भी 27 अप्रैल को दोहराया था कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार विकसित नहीं करने चाहिए और उसे IAEA के नियमों का पालन करना होगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के रुख में क्या बदलाव आया है?

ईरान पहले परमाणु चर्चा को टालना चाहता था और इस फाइल को बंद बता रहा था, लेकिन अब उसने यूरेनियम संवर्धन को सीमित करने और परमाणु मुद्दे पर बातचीत करने की सहमति दे दी है।

इस बातचीत में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है और इसी के जरिए 14 सूत्री शांति प्रस्ताव अमेरिका तक पहुँचाया गया है।