ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव बढ़ गया है। एक तरफ अमेरिका शांति का प्रस्ताव लेकर आया है, तो दूसरी तरफ ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह अपने यूरेनियम भंडार से समझौता नहीं करेगा। इस बीच खाड़ी देशों में ड्रोन हमले और सैन्य हलचल ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
ईरान यूरेनियम और परमाणु सुविधाओं पर क्या कह रहा है?
सीनियर रिसर्चर Sultan Al-Khulaifi ने बताया कि ईरान अपनी परमाणु सुविधाओं के इस्तेमाल के तरीके पर बातचीत कर सकता है, लेकिन वह यूरेनियम को नष्ट नहीं करेगा और न ही उसे विदेश भेजने की अनुमति देगा। अमेरिकी ऊर्जा सचिव Chris Wright ने जानकारी दी कि ईरान के पास करीब 1000 पाउंड 60% समृद्ध यूरेनियम है, जिसे हथियारों के स्तर के काफी करीब माना जाता है। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी कहा कि जब तक यह यूरेनियम वहां मौजूद है, युद्ध खत्म नहीं माना जाएगा।
अमेरिका का शांति प्रस्ताव और पाकिस्तान की भूमिका
अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को एक पन्ने का शांति प्रस्ताव भेजा है। इस मेमोरेंडम का मुख्य उद्देश्य लड़ाई को रोकना और Strait of Hormuz को दोबारा खोलना है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने बताया कि ईरान इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है और पाकिस्तान के जरिए नए तरीके से बातचीत आगे बढ़ाएगा, लेकिन फिलहाल वह परमाणु चर्चाओं में शामिल नहीं होगा।
खाड़ी देशों में बढ़ता खतरा और सुरक्षा इंतजाम
क्षेत्र में तनाव इतना बढ़ गया है कि कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र में दुश्मन ड्रोन देखे हैं। वहीं ईरान की सेना ने यूरेनियम के स्टॉक की सुरक्षा के लिए अपनी फोर्स को पूरी तरह तैयार रहने का आदेश दिया है ताकि चोरी या घुसपैठ को रोका जा सके। इस बीच, एक कतरी गैस टैंकर Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरा है, जिसे भरोसा बनाने की दिशा में एक कदम देखा जा रहा है। International Atomic Energy Agency (IAEA) ने भी कहा कि परमाणु बुनियादी ढांचे को नुकसान के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन सावधानी बरतने की जरूरत है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ईरान अपने परमाणु यूरेनियम को नष्ट करेगा?
नहीं, रिसर्चर Sultan Al-Khulaifi के अनुसार ईरान यूरेनियम को नष्ट करने या उसे देश से बाहर भेजने के लिए तैयार नहीं है।
अमेरिका ने ईरान के लिए क्या प्रस्ताव भेजा है?
अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए एक पन्ने का प्रस्ताव भेजा है जिसमें लड़ाई रोकने और Strait of Hormuz को दोबारा खोलने की बात कही गई है।
