ईरान के परमाणु ठिकानों पर जारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने एक बड़ी जानकारी साझा की है। 25 मार्च 2026 को एजेंसी ने पुष्टि की कि 24 मार्च को ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Bushehr Nuclear Power Plant) के परिसर में एक रॉकेट जैसी वस्तु आकर गिरी है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने बताया है कि इस घटना में मुख्य परमाणु संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और वहां काम करने वाले सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। इस समय वहां विकिरण यानी रेडिएशन का स्तर भी पूरी तरह स्थिर बना हुआ है।

बुशहर परमाणु प्लांट पर हुए हमले से जुड़ी जानकारी

यह एक हफ्ते के भीतर बुशहर प्लांट के पास होने वाला दूसरा हमला है। इससे पहले 17 मार्च 2026 को भी प्लांट से मात्र 350 मीटर की दूरी पर एक इमारत इस तरह के हमले में नष्ट हो गई थी। इन घटनाओं के बाद वहां काम करने वाली रूसी कंपनी रोसाटॉम (Rosatom) ने सावधानी बरतते हुए अपने कुछ कर्मचारियों को प्लांट से बाहर निकालना शुरू कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने लगातार अपील की है कि परमाणु केंद्रों के पास इस तरह के हमले बंद होने चाहिए क्योंकि यह परमाणु सुरक्षा नियमों का बड़ा उल्लंघन है।

मार्च महीने में परमाणु ठिकानों पर क्या-क्या हुआ?

  • नटान्ज प्लांट: मार्च 2026 की शुरुआत में ईरान के नटान्ज (Natanz) परमाणु केंद्र पर भी हमला हुआ था जिससे वहां के प्रवेश द्वार को नुकसान पहुंचा था।
  • विकिरण का स्तर: गनीमत यह रही कि इन सभी हमलों के बाद प्लांट के बाहर रेडिएशन फैलने की कोई खबर नहीं मिली है।
  • अमेरिका और इजरायल: रिपोर्ट के अनुसार इन हमलों में अमेरिका और इजरायल की भूमिका की बात सामने आ रही है।
  • शांति प्रस्ताव: अमेरिका ने ईरान को युद्ध खत्म करने के लिए एक प्रस्ताव दिया है जिसमें परमाणु हथियारों की कोशिश छोड़ने और परमाणु क्षमताओं को खत्म करने की शर्त रखी गई है।
  • सुरक्षा के नियम: IAEA के मुताबिक किसी भी परमाणु ठिकाने के पास सैन्य गतिविधि सात जरूरी सुरक्षा स्तंभों के खिलाफ है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.