ईरान में परमाणु ऊर्जा केंद्रों के पास हमले की खबरें आई हैं जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है. अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने 6 अप्रैल 2026 को इस बात की पुष्टि की है कि नतांज और बुशहर परमाणु संयंत्र के पास मिलिट्री स्ट्राइक हुई है. नतांज प्लांट के दरवाजों पर बम गिराए गए हैं जिससे वहां की सुरक्षा को लेकर पूरी दुनिया में चिंता जताई जा रही है.

👉: Gulf देशों पर ईरान का ड्रोन हमला, UK के टाइफून विमानों ने हवा में मार गिराए ड्रोन, UAE और कुवैत में अलर्ट.

हमले में कितना नुकसान हुआ है?

IAEA की रिपोर्ट के अनुसार बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट की बाउंड्री से मात्र 75 मीटर दूर हमला हुआ है. गनीमत यह रही कि बुशहर प्लांट को कोई सीधा नुकसान नहीं पहुँचा है लेकिन नतांज के प्रवेश द्वारों पर बमबारी हुई है. इससे पहले 4 अप्रैल को हुए हमले में सुरक्षा में तैनात एक कर्मचारी की मौत हो गई थी और एक इमारत को काफी नुकसान पहुँचा था. राहत की बात यह है कि अभी तक उस इलाके में रेडिएशन यानी रेडियोधर्मी किरणों के बढ़ने की कोई खबर नहीं मिली है.

दुनिया भर की संस्थाओं ने क्या चेतावनी दी?

  • IAEA प्रमुख Rafael Grossi ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि परमाणु ठिकानों को कभी निशाना नहीं बनाना चाहिए.
  • ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि इन हमलों से पूरे क्षेत्र में रेडियोधर्मी प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है.
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक ने परमाणु दुर्घटना से होने वाले स्वास्थ्य खतरों को लेकर अलर्ट जारी किया है.
  • रूस के विदेश मंत्रालय ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की है और जानमाल के नुकसान पर दुख जताया है.
  • ईरान का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है और इससे बड़ा पर्यावरण संकट आ सकता है.