रूस ने ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हुए हमलों पर गहरी चिंता जताई है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सोमवार को कहा कि ये हमले बेहद खतरनाक हैं और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। रूस ने अपनी चिंताओं से अमेरिका को भी अवगत करा दिया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने भी चेतावनी दी है कि इस तनाव से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को बड़ा खतरा हो सकता है।

परमाणु प्लांट को क्या नुकसान हुआ और रूस ने क्या कहा?

रूस के सरकारी परमाणु निगम Rosatom ने बताया कि हमला रिएक्टर से कुछ ही दूरी पर हुआ है। हालांकि, रिएक्टर को कोई सीधा नुकसान नहीं पहुंचा है और न ही कोई कर्मचारी घायल हुआ है। IAEA ने भी पुष्टि की है कि 17 मार्च को प्लांट के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा था। रूस का कहना है कि परमाणु ठिकानों के पास सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है और इससे रेडियोधर्मी पदार्थ फैलने का खतरा बढ़ जाता है। रूस लगातार शांतिपूर्ण समाधान की मांग कर रहा है।

दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल सप्लाई पर क्या असर होगा?

International Energy Agency (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा खतरा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी ईरान को अपनी बिजली परियोजनाओं को निशाना बनाने की धमकी दी है अगर Strait of Hormuz को नहीं खोला गया। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए भी यह चिंता का विषय है क्योंकि तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और विमान सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

ताजा घटनाक्रम की मुख्य बातें

तारीख मुख्य अपडेट
23 मार्च 2026 रूस ने अमेरिका को अपनी गंभीर चिंताओं से अवगत कराया।
22 मार्च 2026 ईरान ने परमाणु प्लांट पर हमले को लेकर UN को चेतावनी दी।
18 मार्च 2026 IAEA ने रिएक्टर से 350 मीटर दूर हुए हमले की पुष्टि की।
17 मार्च 2026 बुशहर प्लांट के पास प्रोजेक्टाइल गिरने की घटना हुई।