ईरान के अधिकारियों ने परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान अब तब तक अपने परमाणु प्रोग्राम पर कोई चर्चा नहीं करेगा जब तक कि युद्ध पूरी तरह से रुक नहीं जाता और एक परमानेंट ceasefire नहीं हो जाता। इस फैसले से दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है और अमेरिका के साथ बातचीत अब मुश्किल नजर आ रही है।
ईरान के बड़े नेताओं ने क्या कहा?
- सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने 30 अप्रैल 2026 को साफ किया कि ईरान अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
- न्यायपालिका प्रमुख Gholamhossein Mohseni Ejei ने 2 मई 2026 को बताया कि ईरान बातचीत से कभी पीछे नहीं हटा, लेकिन वह शांति की शर्तों को थोपे जाने के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि ईरान कूटनीति और टकराव दोनों के लिए तैयार है।
- संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Qalibaf ने 8 और 9 अप्रैल 2026 को दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव के तीन मुख्य नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को न माना जाए, तब तक बातचीत करना बेकार है।
अमेरिका का रुख और ईरान का नया प्रस्ताव
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 1 मई 2026 को ईरान के ताजा प्रस्ताव पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। हालांकि, 2 मई को उन्होंने कहा कि वह एक नए शांति समझौते की समीक्षा करेंगे, लेकिन उन्हें इसकी सफलता पर भरोसा नहीं है।
दूसरी ओर, 2 मई 2026 को तस्नीम और फ़ार्स जैसी ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान ने एक 14 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में सभी मोर्चों पर संघर्ष को खत्म करने और Strait of Hormuz के लिए एक नया ढांचा तैयार करने की बात कही गई है। हालिया रिपोर्टों से पता चलता है कि ईरान ने परमाणु कार्यक्रम पर अपनी पुरानी और सख्त स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने परमाणु चर्चा के लिए क्या शर्त रखी है?
ईरान के अधिकारियों ने साफ किया है कि जब तक एक स्थाई युद्धविराम (Permanent Ceasefire) नहीं हो जाता, तब तक वे अपने परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी तरह की बात नहीं करेंगे।
अमेरिका का इस मुद्दे पर क्या स्टैंड है?
राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के प्रस्तावों पर असंतोष जताया है। उन्होंने नए शांति समझौते की समीक्षा करने की बात तो कही है, लेकिन वे इसके सफल होने की उम्मीद कम जता रहे हैं।