अमेरिका और इसराइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं, जिससे वहां काफी नुकसान हुआ है। लेकिन बड़ी चिंता यह है कि ईरान के पास अब भी भारी मात्रा में यूरेनियम बचा हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ‘न्यूक्लियर डस्ट’ कहा है, जिससे पूरी दुनिया में तनाव का माहौल बना हुआ है।
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ईरान के पास कितना यूरेनियम बचा है और क्या है खतरा
- IAEA के मुताबिक ईरान के पास करीब 440 किलो यूरेनियम है जिसे 60% तक रिफाइन किया गया है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसे 90% तक रिफाइन किया जाए, तो इससे 10 से 11 छोटे परमाणु बम बनाए जा सकते हैं।
- अमेरिका की मुख्य मांग यही है कि ईरान यूरेनियम रिफाइनिंग का काम पूरी तरह से बंद करे।
- इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने साफ कहा है कि यूरेनियम को ईरान से हटाना ही हमलों को रोकने की पहली शर्त है।
शांति के लिए क्या कोशिशें हो रही हैं
- पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की तैयारी चल रही है।
- अमेरिका की तरफ से स्पेशल एनवॉय Steve Witkoff और Jared Kushner ईरान के प्रतिनिधियों से सीधे बात करने के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं।
- चीन ने एक प्रस्ताव दिया है कि वह ईरान के इस रिफाइंड यूरेनियम की जिम्मेदारी ले सकता है या उसे कम खतरनाक बनाने (Dilute) में मदद कर सकता है।
- तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan को भरोसा है कि आने वाली बातचीत से इस मसले का हल निकल सकता है।
हमलों का असर और ईरान की चेतावनी
- फरवरी 2026 से शुरू हुए Operation Epic Fury और Roaring Lion हमलों ने ईरान के मिसाइल फैक्ट्रियों और परमाणु केंद्रों को काफी नुकसान पहुंचाया है।
- ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चेतावनी दी है कि इन हमलों की वजह से रेडियोएक्टिव कचरा फैल सकता है, जिससे पर्यावरण और आम लोगों को बड़ा खतरा है।
- दोनों देशों के बीच 7 अप्रैल को एक युद्धविराम (Ceasefire) पर सहमति बनी थी, जिसके बाद बातचीत का दौर फिर से शुरू हुआ है।
- ईरान के परमाणु संगठन ने कहा है कि वह अपनी रिफाइनिंग क्षमता पर कोई पाबंदी स्वीकार नहीं करेगा।