ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव का जवाब दिया है और अपनी यूरेनियम जमाखोरी को लेकर एक नया ऑफर रखा है। Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में बीच का रास्ता निकालने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

ईरान ने यूरेनियम को लेकर क्या प्रस्ताव रखा है?

ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह अपने हाई-एनरिच्ड यूरेनियम के कुछ हिस्से को पतला (dilute) कर देगा। जो हिस्सा बच जाएगा, उसे वह अमेरिका के अलावा किसी अन्य देश को भेजने के लिए तैयार है। ईरान की इस पेशकश के साथ कुछ शर्तें भी जुड़ी हैं:

  • कानूनी गारंटी: ईरान चाहता है कि उसे लिखित गारंटी मिले कि अगर भविष्य में बातचीत नाकाम रही, तो उसका यूरेनियम उसे वापस मिल जाएगा।
  • समय सीमा: अमेरिका यूरेनियम काम को 20 साल तक रोकने की मांग कर रहा है, जबकि ईरान इसे 10 से 15 साल तक रोकने के लिए तैयार है।
  • संप्रभुता: ईरान का कहना है कि Strait of Hormuz और यूरेनियम कार्यक्रम जैसे मुद्दे उसकी संप्रभुता से जुड़े हैं और इन पर कोई समझौता नहीं होगा।

अमेरिका, इसराइल और IAEA का इस पर क्या कहना है?

इस मामले में अलग-अलग देशों और संस्थाओं की अपनी राय है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump चाहते हैं कि चीन के राष्ट्रपति के साथ होने वाली शिखर बैठक से पहले युद्ध खत्म हो जाए। दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कहा है कि जब तक ईरान के पास यूरेनियम है और वहां की साइट्स खत्म नहीं होतीं, तब तक यह विवाद खत्म नहीं होगा।

परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के आंकड़ों के अनुसार, ईरान के पास 60% शुद्धता वाला 440 किलोग्राम से ज्यादा यूरेनियम मौजूद है। अमेरिका की मांग है कि इस पूरे स्टॉक को देश से बाहर भेजा जाए और सभी परमाणु केंद्रों को पूरी तरह बंद कर दिया जाए।

युद्ध रोकने और व्यापारिक रास्तों पर क्या चर्चा हुई?

ईरान ने अपने जवाब में केवल परमाणु मुद्दे ही नहीं, बल्कि युद्ध रोकने की बात भी की है। ईरान चाहता है कि अमेरिकी नौसेना अपनी नाकाबंदी (naval blockade) हटा ले और Strait of Hormuz को धीरे-धीरे फिर से खोला जाए ताकि व्यापार सामान्य हो सके। पाकिस्तान ने पुष्टि की है कि उसने ईरान का यह विस्तृत जवाब वॉशिंगटन तक पहुंचा दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने यूरेनियम के लिए अमेरिका के सामने क्या शर्त रखी है?

ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह कुछ यूरेनियम को पतला कर देगा और बाकी को किसी गैर-अमेरिकी देश में भेज देगा, लेकिन इसके लिए वह कानूनी गारंटी चाहता है कि विफल वार्ता की स्थिति में यूरेनियम उसे वापस मिले।

IAEA के मुताबिक ईरान के पास कितना यूरेनियम है?

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुमान के अनुसार, ईरान के पास 60% शुद्धता वाला 440 किलोग्राम से अधिक यूरेनियम का भंडार है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.