अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नई जानकारी साझा की है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास अब 60 प्रतिशत तक शुद्ध किया हुआ 400 किलोग्राम यूरेनियम जमा हो गया है। सऊदी न्यूज़ के ज़रिए सामने आई यह रिपोर्ट बताती है कि इतनी बड़ी मात्रा में संवर्धित यूरेनियम का होना सुरक्षा के लिहाज़ से काफी गंभीर मामला है। विशेषज्ञ इसे परमाणु हथियार बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मान रहे हैं।

IAEA की रिपोर्ट में क्या जानकारी दी गई है?

IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने साफ किया है कि ईरान का यह स्टॉक तकनीकी रूप से हथियार बनाने के स्तर से बस एक कदम दूर है। जून 2025 में हुए सैन्य हमलों के बाद भी ईरान ने अपनी परमाणु क्षमता और औद्योगिक समझ को बनाए रखा है। हालांकि ईरान की तरफ से इस सामग्री को कम करने का प्रस्ताव भी दिया गया था, लेकिन फिलहाल ज़मीनी स्तर पर स्टॉक बरकरार है।

एजेंसी को अभी भी कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर जाकर पूरी जांच करने की इजाज़त नहीं मिली है। इस वजह से यूरेनियम की बिल्कुल सटीक मात्रा और उसकी जगह का पता लगाना थोड़ा मुश्किल हो रहा है। एजेंसी ने साफ़ किया है कि परमाणु सामग्री की निगरानी में जो गैप आया है, उसे जल्द से जल्द ठीक करने की ज़रूरत है।

ईरान के यूरेनियम स्टॉक से जुड़ी मुख्य बातें

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पिछले कुछ महीनों में कई बार आंकड़े सामने आए हैं। अलग-अलग समय पर जारी हुई रिपोर्ट के मुताबिक स्टॉक की स्थिति इस प्रकार रही है:

रिपोर्ट की तारीख यूरेनियम की मात्रा शुद्धता का स्तर
सितंबर 2025 440.9 किलोग्राम 60%
अक्टूबर 2025 400 किलोग्राम (अनुमानित) 60%
27 फरवरी 2026 440.9 किलोग्राम 60%
25 मार्च 2026 400 किलोग्राम 60%

मौजूदा स्थिति को देखते हुए दुनिया भर के देश ईरान की परमाणु गतिविधियों पर नज़र बनाए हुए हैं। परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगर इस यूरेनियम को और ज़्यादा शुद्ध किया जाता है, तो यह कई परमाणु बम बनाने के लिए काफी हो सकता है। फिलहाल ईरान ने अपनी कई गतिविधियों को भूमिगत ठिकानों पर रखा हुआ है, जहाँ तक एजेंसी की पहुंच सीमित है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.