ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) से आधिकारिक तौर पर अपील की है कि वह उसके परमाणु केंद्रों के खिलाफ दी जा रही अमेरिकी धमकियों की निंदा करे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट किया कि परमाणु केंद्रों को निशाना बनाना संयुक्त राष्ट्र के नियमों का सीधा उल्लंघन है। ईरान ने यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद उठाया है जिसमें उन्होंने ईरान के पावर प्लांट्स को तबाह करने की बात कही थी।

ईरान की मांग और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

  • ईरान ने मांग की है कि उसके परमाणु केंद्रों पर हमलों को तुरंत रोका जाए और हुए नुकसान की भरपाई की जाए।
  • ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने कहा है कि अगर उनके ईंधन बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ तो वे क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाएंगे।
  • ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाने की धमकी दी है।
  • ईरानी समाचार एजेंसी Fars के माध्यम से संयुक्त अरब अमीरात के परमाणु ऊर्जा संयंत्र सहित मध्य पूर्व के अन्य केंद्रों को भी परोक्ष चेतावनी दी गई है।

IAEA की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

IAEA के महानिदेशक Rafael Mariano Grossi ने सभी पक्षों से सैन्य संयम बरतने की अपील की है ताकि किसी भी परमाणु दुर्घटना से बचा जा सके। एजेंसी वर्तमान में नतांज परमाणु साइट पर हुए हमले की रिपोर्टों की जांच कर रही है। वहीं दूसरी तरफ, रूस ने अमेरिका को आगाह किया है कि ईरान के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर किसी भी हमले के परिणाम गंभीर हो सकते हैं। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को Operation Midnight Hammer के जरिए पहले ही काफी नुकसान पहुंचाया जा चुका है और इसे दोबारा बनाने की कोशिश नहीं की गई है।

Sushma Kumari

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