ईरान ने दुनिया के सामने यह साफ कर दिया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा है कि उनका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे दुनिया के नियमों को मानने के लिए तैयार हैं. अब सबकी नज़रें अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले एक संभावित समझौते पर टिकी हैं जिससे क्षेत्र में शांति लौट सकती है.

ईरान और अमेरिका के बीच क्या समझौता हो सकता है?

  • एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच एक ड्राफ्ट तैयार है जिसमें ईरान परमाणु हथियार न बनाने का वादा करेगा.
  • ईरान संयुक्त राष्ट्र (UN) की कड़ी जांच और अचानक होने वाले निरीक्षणों को स्वीकार कर सकता है.
  • ईरान अपनी जमीन के नीचे बनी परमाणु सुविधाओं के काम को रोकने पर भी विचार कर रहा है.
  • अमेरिका चाहता है कि ईरान कभी भी परमाणु शक्ति न बने ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा बनी रहे.

इस मामले में दूसरे देशों की क्या भूमिका है?

  • पाकिस्तान: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करवाने में पाकिस्तान मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहा है.
  • इराक: इराक के प्रधानमंत्री-नामित अली अल-ज़ैदी ने प्रस्ताव दिया है कि बगदाद में दोनों देशों की सीधी बातचीत हो सकती है.
  • यूरोपीय संघ (EU): यूरोपीय संघ ने चिंता जताई है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को तेजी से बढ़ा रहा है और नियमों का पालन नहीं कर रहा है.

हाल ही में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?

अमेरिका ने Strait of Hormuz में अपने जहाजों के एस्कॉर्ट को फिलहाल रोक दिया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे एक बड़ी प्रगति बताया है. माना जा रहा है कि ईरान अगले 48 घंटों में समझौते के मुख्य बिंदुओं पर अपना जवाब दे सकता है, जिसमें यूरेनियम संवर्धन को रोकने की बात शामिल हो सकती है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान सच में परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने बयान दिया है कि उनका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है और वे वैश्विक मानकों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

अमेरिका और ईरान की संभावित डील में क्या शामिल है?

इस संभावित समझौते में ईरान द्वारा परमाणु हथियार न बनाने का वादा, यूएन की कड़ी जांच को स्वीकार करना और यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाने जैसे बिंदु शामिल हो सकते हैं.