ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के पावर प्लांट और पुलों को तबाह करने की धमकी दी थी। इस पर भारत में ईरान के प्रतिनिधि Dr. Mohammad Hossein Ziyaeenia ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि ये धमकियां अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं और इस मामले में संयुक्त राष्ट्र (UN) की चुप्पी चिंताजनक है।

Trump ने ईरान के लिए क्या धमकी दी थी?

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट करने की बात कही थी। उन्होंने खासतौर पर बिजली बनाने वाले प्लांट, तेल के कुओं, खार्ग द्वीप और पानी साफ करने वाले प्लांट को निशाना बनाने की चेतावनी दी। Trump ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर Strait of Hormuz को बिना किसी डर के पूरी तरह नहीं खोला गया, तो हमला किया जाएगा।

ईरानी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या कहना है?

इस विवाद पर ईरान के अलग-अलग अधिकारियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। पूरी स्थिति कुछ इस तरह है:

  • Dr. Mohammad Hossein Ziyaeenia: उन्होंने कहा कि Trump की धमकियां अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और दुनिया की कोई भी बड़ी संस्था इस पर कुछ नहीं बोल रही है।
  • Stephane Dujarric (UN प्रवक्ता): उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र अमेरिकी बयानबाजी से चिंतित है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कानून नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों की मनाही करता है।
  • Abbas Araghchi (विदेश मंत्री): उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, तो ईरान बिल्कुल भी संयम नहीं बरतेगा।
  • Mohammad Bagher Ghalibaf (स्पीकर): उन्होंने कहा कि अगर हमला हुआ तो क्षेत्रीय ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया जाएगा, जिससे पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ सकती हैं।
  • General Ali Abdollahi Aliabadi: उन्होंने Trump के बयानों को घबराहट में लिया गया फैसला बताया और चेतावनी दी कि इससे गंभीर नतीजे होंगे।

क्षेत्र में शांति और खतरे की स्थिति

पूर्व IAEA चीफ Mohamed ElBaradei ने इस तनाव के बीच खाड़ी देशों और UN से तुरंत दखल देने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कूटनीतिक रास्ता नहीं निकाला गया, तो स्थिति बहुत खराब हो सकती है। ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए 10 शर्तें रखी हैं, जिन्हें मानने की बात दुश्मन देश से कही गई है। हालांकि, 7 अप्रैल 2026 को एक कमजोर युद्धविराम (ceasefire) हुआ था, जिसे बाद में आगे बढ़ाया गया, लेकिन हालिया बयानों ने फिर से माहौल गरमा दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Donald Trump ने ईरान में किन जगहों को निशाना बनाने की बात कही थी

Trump ने बिजली घरों, तेल के कुओं, खार्ग द्वीप और पानी साफ करने वाले प्लांट जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट करने की धमकी दी थी।

ईरान के प्रतिनिधि ने UN के बारे में क्या कहा

Dr. Mohammad Hossein Ziyaeenia ने कहा कि Trump की धमकियां अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन इस पर चुप रहे हैं।