Iran के शीर्ष अधिकारी का बड़ा बयान, कहा इसराइल और अमेरिका की हार के बाद अब विदेशी सेनाओं का जाना तय

Nura Basta8 August 20262 min read75 viewsWorld
Iran के शीर्ष अधिकारी का बड़ा बयान, कहा इसराइल और अमेरिका की हार के बाद अब विदेशी सेनाओं का जाना तय

ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार Ali Akbar Velayati ने शनिवार 8 अगस्त 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इसराइल (जिसे वे ज़ायोनी शासन कहते हैं) को मिली हार के बाद अब क्षेत्र से विदेशी सेनाओं का बाहर निकलना जरूरी हो गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए दावा किया कि यही विदेशी ताकतें इलाके में असुरक्षा और अशांति का मुख्य कारण बनी हुई हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान का नजरिया

Ali Akbar Velayati ने इस मौके पर ईरानी सशस्त्र बलों की मजबूती और लोगों के साहस की जमकर तारीफ की। उन्होंने रेजिस्टेंस एक्सिस (Resistance Axis) की हिम्मत का भी जिक्र किया, जो पश्चिम और इसराइली हितों के खिलाफ काम करने वाले क्षेत्रीय गुटों का एक समूह है। उनका कहना है कि अब समय आ गया है कि क्षेत्रीय देश आपस में मिलकर सुरक्षा को और मजबूत करें। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति बनी हुई है और कूटनीतिक हलचल तेज है।

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होरमुज जलडमरूमध्य और अन्य देशों पर बयान

क्षेत्रीय मामलों पर बात करते हुए, ईरानी विदेश मंत्री Araghchi ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओमान के साथ होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में यातायात को विनियमित करने के लिए समझ तो बनी है, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि यह समुद्री मार्ग फिर से खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि अभी भी एक अस्थायी शिपिंग रूट को लेकर बातचीत चल रही है और मामला अभी सुलझना बाकी है। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और यहाँ की हलचल भारतीय प्रवासियों के लिए भी चिंता का विषय हो सकती है क्योंकि यह समुद्री मार्ग व्यापार और ऊर्जा के लिहाज से संवेदनशील है।

सऊदी अरब के रक्षा समझौते पर ईरान की चेतावनी

ईरानी संसद के नेशनल सिक्योरिटी और फॉरेन पॉलिसी कमीशन के सदस्य Mahmoud Nabavian और Ebrahim Rezaei ने सऊदी अरब और पाकिस्तान-तुर्की के बीच हुए रक्षा समझौते पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। इन सांसदों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सऊदी अरब को अमेरिका के करीबियों या कागज पर हुए समझौतों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को ईरान के खिलाफ एक बड़ी साजिश के रूप में देखा और दावा किया कि अमेरिका और इसराइल अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में विफल रहे हैं। इस बारे में अधिक जानकारी ANI News की रिपोर्ट से ली गई है।

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