ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान ने बड़ा बयान दिया है। ईरानी अधिकारियों ने साफ़ तौर पर कहा है कि वे शांति के लिए भी तैयार हैं और युद्ध के लिए भी। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका की तरफ से दी गई डेडलाइन खत्म होने के करीब है और ईरान के कई इलाकों में धमाकों की खबरें मिली हैं। इस तनाव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र में देखा जा रहा है जहाँ सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

ईरान की शांति के लिए शर्तें और मौजूदा हालात

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए अपनी कुछ कड़ी शर्तें सामने रखी हैं। ईरान का कहना है कि वह तभी बात करेगा जब उस पर होने वाले हमले तुरंत रोके जाएं और अब तक हुए नुकसान की भरपाई की जाए। ईरान ने किसी भी तरह के अस्थायी समझौते को मानने से मना कर दिया है और वह एक स्थायी समाधान चाहता है। तेहरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से उनकी प्रकृति और सामान के आधार पर फीस वसूली जाएगी। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि ने कहा है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार रखते हैं।

खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और हमलों की ताज़ा स्थिति

क्षेत्र में स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है और कई देशों में इसका सीधा असर दिख रहा है। 7 अप्रैल को ईरान के खार्ग द्वीप और कई महत्वपूर्ण पुलों पर हमले की खबरें आईं। इसके अलावा दोहा और बहरीन जैसे इलाकों में धमाकों और सायरन की आवाजें सुनी गई हैं। यूएई की एयर डिफेंस प्रणाली ने भी मिसाइल खतरों का जवाब दिया है। इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने अमेरिका से ईरान को दी गई डेडलाइन को थोड़ा और बढ़ाने की अपील की है।

प्रमुख घटना ताज़ा जानकारी
ईरान का रुख शांति और युद्ध दोनों के लिए पूरी तैयारी
हमले की लोकेशन खार्ग द्वीप और कोनारक के नेवल बेस
अमेरिकी अल्टीमेटम 7 अप्रैल रात 8 बजे (ET) तक का समय
पाकिस्तान की भूमिका दो हफ्ते की डेडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया
ईरान के वालंटियर 1.4 करोड़ लोगों ने युद्ध में शामिल होने की इच्छा जताई
क्षेत्रीय असर दोहा, बहरीन और यूएई में अलर्ट की स्थिति
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.