ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने देश के सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से एकजुट होने की अपील की है ताकि दुश्मनों की रणनीतियों को नाकाम किया जा सके। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के अधिकारियों का कहना है कि आंतरिक मतभेदों के कारण देश की एकता कमजोर हो सकती है और इसका फायदा बाहरी ताकतें उठा सकती हैं। सुरक्षा और राजनीतिक मोर्चे पर ईरान इस समय बेहद सतर्क रुख अपनाए हुए है और देश के भीतर किसी भी तरह के मतभेद से बचना चाहता है।

ईरान के नेताओं ने देश में एकता बनाए रखने पर क्यों दिया जोर?

ईरान की संसद के वरिष्ठ सदस्य अहमद नादेरी ने सरकारी अधिकारियों के बीच सार्वजनिक मतभेदों को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि इस समय सभी राजनीतिक गुटों को सर्वोच्च नेता के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सैन्य गतिविधियों में कमी के इस दौर में कूटनीति भी एक बड़ा मोर्चा है और इस पर मिलकर काम करना होगा। इसके अलावा गृह मंत्रालय के राजनीतिक उपप्रमुख अली जैनीवंद ने भी आधिकारिक मंचों पर तीखी बयानबाजी से बचने की सलाह दी है जो देश की एकता को नुकसान पहुंचा सकती है।

दुश्मनों की हाइब्रिड वॉर और अमेरिका पर ईरान का क्या है रुख?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के राजनीतिक मामलों के उपप्रमुख यदोल्लाह जवानी ने दावा किया है कि दुश्मनों ने ईरान की ताकत को कम आंकने की गलती की है। उन्होंने कहा कि ईरान के मिसाइल डिफेंस को तबाह करने और सरकार को गिराने की साजिशें नाकाम हो चुकी हैं। संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बकर कलीबाफ ने भी स्पष्ट किया है कि ईरान वाशिंगटन पर बिल्कुल भरोसा नहीं करता है और किसी भी वादे से पहले जमीनी स्तर पर ठोस नतीजे देखना चाहता है। खुफिया मंत्रालय ने भी चेतावनी दी है कि दुश्मन अब सीधे युद्ध के बजाय देश में सामाजिक और जातीय तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि देश को अंदर से कमजोर किया जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के नेताओं ने देश के भीतर किस बात की चेतावनी दी है?

ईरान के संसद सदस्य अहमद नादेरी ने अधिकारियों के बीच आपसी मतभेदों को सार्वजनिक न करने की चेतावनी दी है ताकि देश की राष्ट्रीय एकता मजबूत बनी रहे।

ईरान का अमेरिका के प्रति क्या रुख है?

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बकर कलीबाफ ने साफ किया है कि ईरान अमेरिका के केवल मौखिक वादों पर भरोसा नहीं करेगा, बल्कि कोई भी कदम उठाने से पहले ठोस नतीजों की मांग करता है।