अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है जिससे वहां से तेल बाहर नहीं जा पा रहा है। हालत यह है कि ईरान को अब अपना कच्चा तेल जमीन के बजाय समुद्र में खड़े जहाजों पर स्टोर करना पड़ रहा है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले कुछ हफ्तों में ईरान को तेल का उत्पादन कम करना पड़ सकता है।
अमेरिका की नाकाबंदी से ईरान के तेल कारोबार का क्या हाल है?
US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि इस समय 41 टैंकर समुद्र में फंसे हुए हैं, जिनमें लगभग 69 मिलियन बैरल कच्चा तेल भरा है। शिपिंग डेटा के मुताबिक, अप्रैल के बीच में ईरान का तेल निर्यात मार्च के मुकाबले 80 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया है। इस नाकाबंदी की वजह से केवल 4 मिलियन बैरल तेल ही गल्फ ऑफ ओमान से बाहर निकल पाया है।
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| फंसे हुए टैंकरों की संख्या | 41 |
| टैंकरों में मौजूद तेल | 69 मिलियन बैरल |
| निर्यात में गिरावट | 80% से अधिक |
| जमीनी स्टोरेज क्षमता | 86 मिलियन बैरल |
| वर्तमान स्टोरेज उपयोग | 50 मिलियन बैरल (60%) |
ईरान अब तेल स्टोर करने के लिए क्या जुगाड़ कर रहा है?
ईरान की जमीनी स्टोरेज क्षमता अब भरने वाली है, जिसके कारण वह कुछ नए और पुराने तरीके अपना रहा है। ईरान ने ‘Nasha’ नाम के एक पुराने टैंकर को फिर से चालू किया है ताकि उसे समुद्र में स्टोर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके। इसके अलावा, वह पुराने और बेकार पड़े स्टोरेज साइट्स का इस्तेमाल कर रहा है और चीन तक तेल पहुँचाने के लिए रेलवे के रास्ते की तलाश कर रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जून के मध्य तक उत्पादन कम करना पड़ सकता है।
बड़े अधिकारियों और संस्थाओं ने इस पर क्या कहा?
- IEA: इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने इस स्थिति को दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादन व्यवधान बताया है।
- Scott Bisent: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने कहा कि ईरान की तेल पंपिंग जल्द ही ठप हो सकती है और वहां पेट्रोल का भारी संकट पैदा होगा।
- Sanam Vakil: चैथम हाउस के एक्सपर्ट के मुताबिक, उत्पादन रुकने से ईरान पर बातचीत की मेज पर आने का दबाव बढ़ेगा।
- Mojtaba Khamenei: ईरान के सुप्रीम लीडर ने साफ किया है कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना नियंत्रण बनाए रखेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान तेल के लिए फ्लोटिंग स्टोरेज का इस्तेमाल क्यों कर रहा है?
अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी के कारण ईरान अपना तेल निर्यात नहीं कर पा रहा है। जमीनी स्टोरेज 60% भर चुका है, इसलिए मजबूरी में तेल को समुद्र में खड़े टैंकरों में रखा जा रहा है।
इस संकट का ईरान के तेल उत्पादन पर क्या असर होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर निर्यात नहीं बढ़ा, तो स्टोरेज फुल होने के कारण जून 2026 के मध्य तक ईरान को अपना तेल उत्पादन कम करना पड़ सकता है।