अमेरिका की सख्ती के बाद ईरान के तेल व्यापार पर बड़ा असर पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के तेल निर्यात में 80 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। अमेरिका ने समुद्र के रास्तों पर नाकाबंदी कर दी है जिससे ईरान का कच्चा तेल दुनिया तक नहीं पहुँच पा रहा है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि ईरान इस संकट से कैसे निकलता है।

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ईरान के तेल निर्यात में कितनी गिरावट आई है?

रॉयटर्स और अन्य रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के तेल निर्यात में भारी कमी आई है। कुछ रिपोर्ट में इसे 80 प्रतिशत से ज्यादा बताया गया है। डेटा के हिसाब से ईरान का तेल निर्यात पहले 1.85 मिलियन बैरल प्रतिदिन था जो अब घटकर करीब 567,000 बैरल प्रतिदिन रह गया है। यह लगभग 69 प्रतिशत की गिरावट है।

विवरण आंकड़ा
पहले का निर्यात 1.85 मिलियन बैरल प्रतिदिन
वर्तमान निर्यात 567,000 बैरल प्रतिदिन
अनुमानित गिरावट 69% से 80%
दैनिक राजस्व नुकसान 170 मिलियन डॉलर

अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकाबंदी लागू की है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि ईरान का मुख्य तेल टर्मिनल खार्ग आइलैंड अपनी क्षमता के करीब पहुँच गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे ईरान को उत्पादन कम करना पड़ेगा और बुनियादी ढांचे को नुकसान हो सकता है। वहीं पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि अगर निर्यात शुरू नहीं हुआ तो पाइपलाइन अंदर से फट सकती हैं।

ईरान की सरकार और अधिकारियों का क्या कहना है?

ईरान के तेल मंत्री और अन्य अधिकारियों ने अमेरिका के दावों को खारिज किया है। उनका कहना है कि नाकाबंदी निर्यात को रोकने में नाकाम रही है और उनके पास पर्याप्त स्टोरेज क्षमता है। ईरानी संसद की आर्थिक समिति के डिप्टी हेड Jafar Qadiri ने बताया कि चीन, भारत और जापान जैसे देश अभी भी ईरान से तेल खरीद रहे हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ट्रांजिट फीस दे रहे हैं।

  • अमेरिकी प्रतिबंध: 24 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने एक बड़ी चीनी रिफाइनरी और 40 शिपिंग फर्मों पर प्रतिबंध लगाए।
  • स्टोरेज की समस्या: विश्लेषण के मुताबिक अगर नाकाबंदी जारी रही तो ईरान के पास 12 से 22 दिनों में स्टोरेज खत्म हो सकता है।
  • सुरक्षा चेतावनी: ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति Mohammad Reza Aref ने संकेत दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा मुफ्त नहीं है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान का तेल निर्यात कम होने का मुख्य कारण क्या है?

इसका मुख्य कारण 13 अप्रैल 2026 से अमेरिका द्वारा लागू की गई नौसैनिक नाकाबंदी और कड़े आर्थिक प्रतिबंध हैं जिससे तेल का परिवहन मुश्किल हो गया है।

क्या भारत अभी भी ईरान से तेल खरीद रहा है?

ईरानी सांसद Jafar Qadiri के अनुसार भारत, चीन और जापान जैसे देश अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान से तेल खरीदना जारी रखे हुए हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.