ईरान के तेल मंत्री Mohsen Paknejad ने हाल ही में जानकारी दी है कि तमाम मुश्किलों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद देश ने तेल बेचकर बड़ी कमाई की है। युद्ध और संघर्ष के माहौल में भी ईरान ने अपने सालाना तेल राजस्व लक्ष्य का 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा हासिल कर लिया है।
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तेल निर्यात से हुई कमाई का विवरण
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ईरान ने हालिया संघर्ष के दौरान कुल 18 अरब डॉलर का तेल बेचा है। मंत्री ने साफ किया कि युद्ध के समय 11.5 अरब डॉलर का तेल बेचा गया, जबकि संघर्ष विराम के दौरान 6.5 अरब डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ।
ईरान का तेल मंत्रालय पिछले कई सालों से US द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से बचने के लिए खास तरीके अपना रहा है। इन तरीकों की मदद से ईरान मुश्किल हालातों में भी अपना तेल बाजार तक पहुंचाने में कामयाब रहा है। चीन जैसे देशों में ईरान ने बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की सप्लाई की है।
लगातार जारी हैं नई चुनौतियां
7 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए युद्ध विराम के बाद 18 जून को शांति समझौता हुआ था, लेकिन 8 जुलाई 2026 को यह समझौता टूट गया। इसके बाद अमेरिका ने फिर से कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। हाल ही में 24 जुलाई को अमेरिका ने ईरान के डिजिटल करेंसी नेटवर्क और तेल राजस्व से जुड़े लोगों पर नए प्रतिबंध भी लगाए हैं, जिससे आने वाले समय में व्यापार के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
