ईरान में युद्ध के हालात होने के बावजूद वहां तेल की बिक्री अच्छी चल रही है। ईरान के तेल मंत्री Mohsen Paknejad ने बताया कि जंग की शुरुआत से अब तक तेल की बिक्री फायदेमंद रही है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी नाकाबंदी और हमलों के बाद भी तेल का निर्यात एक दिन के लिए भी नहीं रुका। यह खबर ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है।

ईरान के तेल निर्यात की क्या है स्थिति?

तेल मंत्री Mohsen Paknejad ने बताया कि Kharg Island जैसे बड़े केंद्रों से तेल का काम लगातार चालू रहा। फरवरी 21 से कच्चे तेल का निर्यात सही स्तर पर बना हुआ है। पिछले महीने तेल की कीमतों में भी काफी बढ़ोतरी हुई थी। अब इस कमाई के एक हिस्से का इस्तेमाल युद्ध में हुए नुकसान को ठीक करने के लिए किया जाएगा।

अमेरिका की नाकाबंदी और चीन का साथ

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी का आदेश दिया। अमेरिका ने चेतावनी दी कि बाधा डालने वाली नावों को नष्ट कर दिया जाएगा। ईरान ने इसे समुद्री डकैती बताया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं, चीन अब भी ईरान से तेल खरीद रहा है।

विवरण जानकारी
नाकाबंदी शुरू होने का समय 13 अप्रैल 2026, 1400 GMT
मुख्य खरीदार देश China (97.6% तेल चीन जा रहा है)
समुद्र में मौजूद तेल 157.7 मिलियन बैरल (13 अप्रैल तक)
औसत दैनिक निर्यात 2.04 मिलियन बैरल
IRGC की कमाई 4.5 बिलियन डॉलर से ज्यादा
तेल लोडिंग संख्या Kharg Island से 45 लोडिंग
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी (हवाई हमलों के साथ)

क्या शांति वार्ता सफल रही?

अमेरिका के J.D. Vance और ईरान के अधिकारियों के बीच पाकिस्तान में बातचीत हुई लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया। अमेरिका ने अपनी शर्तें साफ कर दी हैं और अब गेंद ईरान के पाले में है। दूसरी तरफ, IRGC ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz के पास आने वाले सैन्य जहाजों को युद्ध विराम का उल्लंघन माना जाएगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.