ईरान में तेल उत्पादन को लेकर बड़ा खतरा पैदा हो गया है। अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकाबंदी और आने वाले नए प्रतिबंधों की वजह से ईरान अपना तेल बेच नहीं पा रहा है। अगर स्टोरेज टैंक ज्यादा समय तक भरे रहे, तो तेल के कुओं और फील्ड को भारी नुकसान हो सकता है, जिससे आने वाले समय में तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ेगा।
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ईरान के पास तेल रखने की कितनी जगह बची है?
ईरान के स्टोरेज को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ जानकारों का कहना है कि ईरान के पास केवल 13 से 16 दिनों का स्टोरेज बचा है, जिसके बाद उसे तेल उत्पादन बंद करना पड़ेगा। वहीं कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि वह करीब दो से तीन महीने तक उत्पादन जारी रख सकता है। अगर तेल दो हफ्ते से ज्यादा टैंकों में रहा, तो फील्ड्स को स्थाई नुकसान हो सकता है।
अमेरिका के प्रतिबंधों और दुनिया पर क्या होगा असर?
अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है और 19 अप्रैल के बाद और कड़े प्रतिबंध लागू होंगे। इससे ईरान के लिए चीन जैसे बड़े खरीदारों को तेल भेजना मुश्किल हो जाएगा। IEA के मुताबिक, मध्य पूर्व में 80 से ज्यादा एनर्जी फैसिलिटी पहले ही खराब हो चुकी हैं। यूरोप में जेट फ्यूल का स्टॉक भी सिर्फ छह हफ्ते का बचा है, जिससे फ्लाइट्स रद्द होने का खतरा है।
| संस्था/घटना | मुख्य जानकारी | समय/विवरण |
|---|---|---|
| US Blockade | ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी | 13 अप्रैल 2026 |
| US Treasury | नए तेल प्रतिबंध लागू होंगे | 19 अप्रैल 2026 के बाद |
| Energy Aspects | स्टोरेज क्षमता का अनुमान | करीब 16 दिन |
| FGE NextantECA | स्टोरेज क्षमता का अनुमान | 2 से 3 महीने |
| IEA | यूरोप में जेट फ्यूल स्टॉक | केवल 6 हफ्ते |
| IEA | क्षतिग्रस्त एनर्जी फैसिलिटी | 80 से ज्यादा |
| Production | ईरान का वर्तमान उत्पादन | 35 लाख बैरल प्रतिदिन |
