ईरान के तेल टैंकर अमेरिकी नौसेना की सख्ती के बावजूद अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं। पिछले एक महीने में कम से कम 18 ईरानी झंडे वाले जहाज मलयेशिया के पूर्वी बाहरी बंदरगाह (EOPL) पर पहुंचे हैं। ये जहाज अक्सर अपनी पहचान छिपाने के लिए अपने Automatic Identification System (AIS) को बंद कर देते हैं ताकि रडार की पकड़ से बच सकें। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को Dore नाम का एक टैंकर मलयेशिया के पास देखा गया जो मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा था।
अमेरिका ने बढ़ाई सख्ती और लगाए नए प्रतिबंध
अमेरिका ने 14 जुलाई 2026 को ईरानी बंदरगाहों पर अपना नौसेना घेरा फिर से सख्त कर दिया था। इसके बाद 29 जुलाई 2026 को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान की दो बीमा कंपनियों, Persian Gulf Marine Insurance Company और Hormuz Safe Marine Services Authority पर नए प्रतिबंध लगा दिए। साथ ही आठ ऐसी कंपनियों को भी निशाने पर लिया गया है जो कथित तौर पर तेल की अवैध ढुलाई कर रही थीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि 29 जुलाई तक उन्होंने 20 कमर्शियल जहाजों को रास्ता बदलने पर मजबूर किया और दो जहाजों को बोर्डिंग के जरिए रोका।
ईरान का रुख और क्षेत्र पर असर
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने साफ कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उनका इलाका है और वे अमेरिकी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उधर, इस पूरे तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी दिखने लगा है। जापान जैसे देशों ने अब होर्मुज के रास्ते होने वाली तेल आपूर्ति के अनिश्चित होने के कारण कनाडा के कच्चे तेल की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। United Against Nuclear Iran (UANI) के आंकड़ों के मुताबिक, अभी भी करीब 51 टैंकर मलयेशियाई क्षेत्र के आसपास लंगर डाले हुए हैं, जो इस अवैध समुद्री खेल को उजागर करते हैं।
