अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। ऐसी खबरें आई हैं कि अमेरिका की सख्त नाकेबंदी के बावजूद अप्रैल महीने में ईरान से 25 तेल से लदे टैंकर रवाना हुए हैं। यह खबर तब सामने आई है जब अमेरिकी नौसेना ने ईरान के समुद्री रास्तों पर कड़ी नजर रखी हुई है। इस पूरे मामले ने वैश्विक तेल बाजार और राजनीति में हलचल मचा दी है।

अमेरिका की नाकेबंदी और ईरान के तेल टैंकरों का क्या हाल है?

अमेरिकी सरकार ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों की नाकेबंदी शुरू की थी। इसका मकसद ईरान से निकलने वाले प्रतिबंधित तेल को रोकना था। Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में 25 टैंकर ईरान से बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन बहुत सारा तेल अब भी फंसा हुआ है। US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि करीब 41 टैंकर जिनमें 69 मिलियन बैरल तेल है, अभी भी फंसे हुए हैं।

तेल के निर्यात और जहाजों से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

विवरण डाटा/संख्या
अप्रैल में रवाना हुए टैंकर 25 जहाज
अप्रैल में औसत दैनिक निर्यात 5 लाख बैरल
Sea of Oman से निकला तेल (अप्रैल अंत) 4 मिलियन बैरल
फंसे हुए टैंकरों की संख्या 41 जहाज
फंसे हुए तेल की कुल मात्रा 69 मिलियन बैरल
Kharg Island पर लोड तेल (16 अप्रैल) 5 मिलियन बैरल
मिडल ईस्ट में सक्रिय ईरान लिंक टैंकर 72 जहाज
Super tanker “HUGE” की क्षमता 1.9 मिलियन बैरल

चीन का हस्तक्षेप और ईरान का शांति प्रस्ताव

इस तनाव के बीच चीन ने अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। 3 मई 2026 को चीन ने एक आदेश जारी किया जिसके तहत उसने अपनी पांच रिफाइनरियों पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को मानने से इनकार कर दिया। चीन का कहना है कि अमेरिका के ऐसे एकतरफा फैसले अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं। दूसरी तरफ, ईरान ने शांति के लिए एक नया 14 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में अमेरिका से नाकेबंदी खत्म करने और प्रतिबंध हटाने की मांग की गई है।

ईरान के अंदरूनी हालात और तेल उत्पादन पर असर

नाकेबंदी के कारण ईरान के अंदर तेल का भंडार भरता जा रहा है। 2 मई 2026 को ईरान ने अपने तेल उत्पादन में कटौती करना शुरू कर दिया क्योंकि स्टोरेज अब पूरी तरह भरने वाला है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस कटौती से ईरान के तेल भंडारों का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हो सकता है। ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने चेतावनी दी है कि वे किसी भी हमले के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिकी नाकेबंदी को नाकाम होने वाला कदम बताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान की नाकेबंदी क्यों की?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू की ताकि प्रतिबंधित तेल के निर्यात को रोका जा सके और ईरान पर दबाव बनाया जा सके।

चीन ने इस मामले में क्या कदम उठाया है?

चीन ने अपनी पांच रिफाइनरियों पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को रद्द करने का आदेश दिया है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

नाकेबंदी का ईरान के तेल उत्पादन पर क्या असर पड़ा?

निर्यात कम होने से स्टोरेज भरने लगा है, इसलिए ईरान ने 2 मई 2026 से अपने तेल उत्पादन में कटौती करना शुरू कर दिया है।