Hormuz Strait में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है क्योंकि ईरान अब वहां से गुजरने वाले जहाजों से पैसे मांगने की तैयारी में है. इस बीच European Union ने Oman का पूरा साथ दिया है और साफ कहा है कि समुद्र के रास्तों पर सबका हक होना चाहिए. यह मामला सीधा तौर पर दुनिया भर की सप्लाई चेन और महंगाई से जुड़ा है, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ सकता है.
ईरान आखिर क्या चाहता है और क्या है नया विवाद?
ईरान के सुप्रीम लीडर ने एक सख्त बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि Hormuz Strait में शिपिंग पर अब उनका कंट्रोल होगा और वे अपने परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम की रक्षा करेंगे. ईरान की सरकार चाहती है कि जहाजों से ‘टोल’ के बजाय ‘सर्विस फीस’ ली जाए. इस योजना को सही ठहराने के लिए ईरान ने Oman को साथ मिलाने की कोशिश की, लेकिन Oman ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है. ईरान अब अपनी संसद से यह कह रहा है कि इसके लिए किसी नए कानून की जरूरत नहीं है, बल्कि यह उनका पुराना हक है.
UN और EU ने इस मामले पर क्या कहा?
- European Union (EU): यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट António Costa ने Oman के सुल्तान Haitham bin Tariq Al Said से फोन पर बात की. उन्होंने कहा कि EU इस मुश्किल वक्त में Oman के साथ है. EU का मानना है कि समुद्र में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के होनी चाहिए और इस संकट का हल सिर्फ बातचीत से ही निकल सकता है.
- संयुक्त राष्ट्र (UN): UN के Secretary-General Antonio Guterres ने गहरी चिंता जताई है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जहाजों के रास्ते बंद हुए या उनमें रुकावट आई, तो दुनिया भर में खाने-पीने की चीजों और तेल की किल्लत हो सकती है, जिससे ग्लोबल मार्केट में हाहाकार मच सकता है.
- IMO: इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन के चीफ Arsenio Domínguez ने भी साफ किया कि नेविगेशन की आजादी से कोई समझौता नहीं किया जा सकता.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Hormuz Strait में विवाद क्यों हो रहा है?
ईरान इस जलमार्ग पर अपना पूरा नियंत्रण चाहता है और वहां से गुजरने वाले जहाजों से सर्विस फीस वसूलना चाहता है, जिसे दुनिया के बाकी देश और UN गलत मान रहे हैं.
इस विवाद का आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
UN के अनुसार, अगर इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही रुकी या महंगी हुई, तो पूरी दुनिया में तेल, ट्रांसपोर्ट और खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं.