Oman और Iran के बीच हुई नई सहमति, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ओमान की राजधानी मस्कट में बनी बात.

तेहरान, 05 अगस्त की बड़ी खबर के अनुसार, ईरान ने यह साफ कर दिया है कि दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए ओमान के साथ एक नए समुद्री मार्ग की भौगोलिक रूपरेखा पर सहमति बन गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने इस बात की जानकारी दी है कि दोनों देश इस समझौते की संयुक्त घोषणा की आखिरी तैयारियों में जुटे हुए हैं और यदि कोई बाहरी दखलंदाजी नहीं हुई तो इसकी औपचारिक घोषणा बहुत जल्द कर दी जाएगी।
होर्मुज स्ट्रेट पर नया समुद्री मार्ग और उसकी योजना
ईरान के अधिकारी की तरफ से यह बताया गया है कि इस नए समुद्री रास्ते को तय करने का मुख्य मकसद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले मालवाहक और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को और ज्यादा व्यवस्थित व सुरक्षित बनाना है। इस रणनीतिक जलमार्ग से दुनिया भर की तेल और गैस की सप्लाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए यहां होने वाला हर एक बदलाव वैश्विक व्यापार के लिए काफी ज्यादा मायने रखता है। ओमान के साथ मिलकर तैयार की गई इस नई भौगोलिक रूपरेखा से जहाजों को आने-जाने में आसानी होगी और यातायात का संचालन बेहतर तरीके से हो सकेगा।
खतरा अभी टला नहीं, अमेरिका की गतिविधियों पर है नजर
भले ही ईरान और ओमान के बीच नए रास्ते को लेकर सहमति बन गई हो, लेकिन तेहरान ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस समझौते का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इस पूरे इलाके से खतरा पूरी तरह से खत्म हो गया है। ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बघई ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका की सैन्य गतिविधियां और इस क्षेत्र पर दबाव बनाने की नीतियां ऐसी ही जारी रहती हैं, तो इस संवेदनशील जलमार्ग की सुरक्षा पर खतरा हमेशा बना रहेगा। गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत से आवाजाही करने वाले लोगों के लिए यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस रास्ते में किसी भी तरह की अशांति का असर सीधे तौर पर वैश्विक बाजार और ईंधन की कीमतों पर पड़ता है।
वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए क्यों जरूरी है यह क्षेत्र
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर दुनिया भर की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की लगातार नजर बनी रहती है। ओमान और ईरान के बीच हुई इस नई बातचीत से उम्मीद तो बंधती है कि नौवहन व्यवस्था सुधरेगी, लेकिन अमेरिकी सेना की मौजूदगी और क्षेत्रीय तनाव के कारण अनिश्चितता का माहौल अभी भी कायम है। दोनों देशों की तरफ से अब संयुक्त घोषणा का इंतजार किया जा रहा है, जिससे यह साफ हो पाएगा कि आने वाले दिनों में इस समुद्री मार्ग का इस्तेमाल किस तरह से किया जाएगा।