ओमान और ईरान के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर डील, क्या अब जहाजों से वसूला जाएगा टोल

Nura Basta6 August 20263 min read74 viewsOman
ओमान और ईरान के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर डील, क्या अब जहाजों से वसूला जाएगा टोल

ईरान और ओमान के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz के प्रबंधन को लेकर एक अहम समझौता होने की कगार पर है। इस मामले की जानकारी देते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने 6 अगस्त 2026 को बताया कि दोनों देश शिपिंग रूट के लिए भौगोलिक निर्देशांक यानी कोऑर्डिनेट्स पर सहमत हो गए हैं और अब एक संयुक्त बयान तैयार करने का काम अंतिम चरण में है। यह खबर दुनिया भर के शिपिंग कारोबार और वहां काम करने वाले लाखों प्रवासियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि इस रास्ते से रोजाना भारी मात्रा में तेल और अन्य सामानों की ढुलाई होती है।

शिपिंग कंपनियों की क्या है चिंता

इस प्रस्तावित समझौते के खिलाफ दुनिया की 8 बड़ी शिपिंग एसोसिएशन एकजुट हो गई हैं। इनमें International Chamber of Shipping (ICS), BIMCO और World Shipping Council (WSC) जैसी बड़ी संस्थाएं शामिल हैं। इन संस्थाओं ने संयुक्त रूप से संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres और IMO के महासचिव Arsenio Dominguez को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर कोई भी अनिवार्य टोल या ट्रांजिट शुल्क लगाया जाता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन होगा। इन संस्थाओं को डर है कि अगर यहां टोल वसूला गया, तो दुनिया के अन्य महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर भी ऐसी ही मनमानी फीस लेने का सिलसिला शुरू हो सकता है, जिससे व्यापार की लागत बढ़ जाएगी और महंगाई पर असर पड़ेगा।

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क्या है ईरान और ओमान का पक्ष

ईरान के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रस्तावित व्यवस्था पर्यावरण और सुरक्षा सेवाओं के लिए एक प्रकार का सर्विस चार्ज हो सकती है, जिसका राजस्व ईरान और ओमान के बीच बांटा जाएगा। ईरान का दावा है कि जब तक अमेरिका फारस की खाड़ी में अपनी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म नहीं करता, तब तक इस समुद्री रास्ते पर नेविगेशन की सुरक्षा सुनिश्चित करना मुश्किल है। दूसरी तरफ ओमान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) को पहले ही सूचित कर दिया है कि वह अनिवार्य ट्रांजिट शुल्क के खिलाफ है। हालांकि, ओमान समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए स्वैच्छिक सहयोग के प्रस्तावों पर विचार करने के लिए तैयार है।

अमेरिका का रुख और भविष्य के हालात

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस मुद्दे पर ईरान को कड़ी चेतावनी दी है और साफ किया है कि जलडमरूमध्य को बंद करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इन दावों को खारिज किया है कि किसी भी अस्थायी रूट के लिए ईरान की मंजूरी की जरूरत होगी या उन पर कोई टोल लगाया जाएगा। यदि यह समझौता लागू होता है, तो शुरुआत में यह केवल 2 से 4 महीने के लिए अस्थायी तौर पर प्रभावी रह सकता है। इस घटनाक्रम से खाड़ी देशों में रहने वाले हजारों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है, क्योंकि इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा का सीधा असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। अभी तक ओमान या अमेरिका की ओर से इस संभावित सौदे की बारीकियों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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