क्षेत्रीय तनाव के बीच 24 जुलाई 2026 की शाम को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Albusaidi के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और Persian Gulf तथा Strait of Hormuz में कमर्शियल जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने पर जोर दिया। इसी विषय पर चर्चा के लिए ओमान का एक राजनयिक दल भी तेहरान पहुंचा है।
समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर चिंता
क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर समुद्री व्यापार पर भी पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार 23 जुलाई 2026 को Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की संख्या दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई थी। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही सैन्य तनातनी के चलते व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरान ने दावा किया कि उनके क्षेत्र में अमेरिकी मिसाइल हमलों से एक एलपीजी टैंकर को नुकसान पहुंचा और दो चालक दल के सदस्यों की मौत हुई।
क्षेत्रीय समाधान की जरूरत
ईरान का मानना है कि Persian Gulf में सुरक्षा बनाए रखना स्थानीय देशों की जिम्मेदारी है और किसी भी विदेशी सैन्य मौजूदगी से तनाव और बढ़ता है। वहीं, ओमान के विदेश मंत्री Badr bin Hamad Al Busaidi ने कहा कि United Nations Convention on the Law of the Sea (UNCLOS) के नियमों का पालन करना और समुद्री व्यापार के लिए रास्तों को सुरक्षित रखना सभी देशों की प्राथमिकता होनी चाहिए। ओमान का स्पष्ट रुख है कि इस जलमार्ग पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए शांति और सुरक्षा बेहद जरूरी है।
