ईरान और ओमान ने मस्कट में अपनी डिप्लोमैटिक बातचीत पूरी कर ली है। दोनों देशों ने एक साझा बयान जारी कर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपने संप्रभु अधिकारों को दोहराया है। इस बैठक में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर ज़ोर दिया गया ताकि समुद्री व्यापार में रुकावट न आए।

दोनों देशों ने बनाया वर्किंग ग्रुप

मंगलवार, 23 जून 2026 को जारी बयान के मुताबिक, ओमान और ईरान ने अपने विदेश मंत्रालयों के बीच एक ‘संयुक्त कार्य समूह’ (joint working group) बनाने पर सहमति जताई है। यह ग्रुप आने वाले समय में जलडमरूमध्य के प्रबंधन, दी जाने वाली सेवाओं और उससे जुड़े खर्चों पर बातचीत करेगा। साथ ही, दोनों देश इस मुद्दे पर क्षेत्र के अन्य तटीय देशों के साथ भी चर्चा करेंगे।

इस्लामाबाद समझौता और टोल टैक्स

ओमान ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MoU) का समर्थन किया है, जिसे पाकिस्तान ने मध्यस्थता कर 14 जून 2026 को साइन करवाया था। इस समझौते के तहत ईरान ने तय किया है कि वह अगले 60 दिनों तक गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल टैक्स नहीं लेगा।

रास्तों की मौजूदा स्थिति

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का मुख्य मध्य मार्ग अभी भी माइन और बंद है। इस वजह से जहाज अब उत्तरी मार्ग (ईरानी पानी) और दक्षिणी मार्ग (ओमानी पानी) का इस्तेमाल कर रहे हैं। ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नेवी के साथ तालमेल बिठाकर ही हर दिन सीमित संख्या में जहाजों को निकलने की अनुमति दी जा रही है।

बड़े अधिकारियों की मौजूदगी

ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गलीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने किया। उन्होंने मस्कट में सुल्तान हैथम बिन तारिक और ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र अल बुसैदी से मुलाकात की। ओमान के विदेश मंत्री ने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की बात कही।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.